सोमवार, 25 मार्च 2013

बुढापा रोकने के सरल उपचार

                                                               
                                                                                                  
         उम्र  बढने के साथ हर व्यक्ति में हार्मोन संबंधित बदलाव होने लगते हैं। ऐसे में जिन लोगों की दिनचर्या अनियमित होती है उनकी त्वचा की रंगत और चमक आहिस्ता-आहिस्ता समाप्त होने लगती है। त्वचा पर झुर्रियां पसरने लगती हैं।बुढापे के लक्षणों से निपटने के लिये निम्न उपाय करना प्रयोजनीय हैं-- 

    ज्यादा पानी पीयें--

        त्वचा की झुर्रियां बुढापे का प्रमुख लक्षण होता है। दिन भर में ४ लीटर पानी पीना इसका कारगर उपचार है। अधिक पानी पीने से शरीर के अन्य कई रोग दूर होते हैं।
तनाव से बचें-- 

 क्रोध करने और मानसिक चिंता से समय से पहिले ही त्वचा पर झुर्रिया आने लगती हैं। दिमागी तनाव से हमारे शरीर में एक रासायनिक प्रक्रिया उत्पन्न होती है जिससे कोर्टिसोल उत्पन्न  होता  है जो  हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है।
धूम्रपान न करें-- 
 बीडी,सिगरेट पीने वालों की त्वचा पर सिलवटें बुढापा आने से पहिले ही दिखाई देने लगती हैं। धूम्र पान से शरीर में ऐसे एन्जाईम्स उत्पन्न होते हैं जो झुर्रियों के लिये जिम्मेदार माने गये हैं। जेतुन के तैल में नींबू का रस मिलाकर त्वचा पर मालिश करने से चेहरे की त्वचा की झुर्रियां नियंत्रित होती हैं। चेहरे पर चमक लाने का यह अच्छा उपाय है।

विटामिन सी का अधिक मात्रा में सेवन करना परम हितकारी उपचार है। इस विटामिन के सेवन करने से त्वचा की झुर्रियों का निवारण होता है। इसके अच्छे स्रोत हैं--आंवला,संतरा,पपीता,नींबू,टमाटर,फ़ूल गोभी,हरी मिर्च,आम,तरबूज,पाईनेपल ।इन चीजों का भरपूर इस्तेमाल करने से शरीर् पर बुढापे की छाप आसानी से नहीं लग पाएगी।

  1.         थोड़ी सी कसरत और मछली के तेल के नियमित सेवन से मांसपेशियों में नई ताकत लाकर बुढापे की आमद को धीमा किया जा सकता है। हाल के एक परीक्षण से पता चला है कि 65 साल से अधिक आयु की जिन महिलाओं ने हलकी कसरत के साथ मछली के तेल का सेवन किया उनकी मांसपेशियों की ताकत जैतून के तेल का सेवन करने वाली महिलाओं से दुगुनी बढी।

मस्तिष्क को बूढ़ा होने से रोकने में मदद करता है मछली का तेल

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि मछली खाने से आपको अपने मस्तिष्क को ताकतवर  रखने में मदद मिल सकती है। दरअसल, वैज्ञानिकों ने पाया कि आहार में ‘ओमेगा...3 फैट्टी एसिड’ की कमी के चलते मस्तिष्क के संकुचन और मानसिक क्षय में तेजी आती है।

      अलसी में ओमेगा फ़ेट्टी एसीड प्रचुरता से पाया जाता है। मछली न खाने वालों के लिये यह बेहतरीन विकल्प है। १०० ग्राम अलसी के बीज लेकर मिक्सर या  ग्राईंडर में चलाकर दर दरा चूर्ण बनालें। २० ग्राम चूर्ण  पानी के साथ रोज सुबह सेवन करें। लंबे समय तक जवान बने  रहने का  यह बहुत आसान उपाय है।

  ज्यादा शकर  खाने से हो सकते हैं असमय बूढ़े -त्वचा,बालों और शरीर के अन्य अंगों के तेजी से बूढ़े होने के लिए  तीन प्रमुख कारण हैं|-
१) ग्लाईकेजिन
२) अघिक धुप में रहना
३) इन्फ्लेमेशन ( शोथ)
    झुर्रियाँ  त्वचा के ढीलेपन और उस पर गहरी  लकीरें  पड़ने का मुख्य कारण ग्लाईकेजिन है जो अधिक चीनी  खाने से होता है| इससे  कम उम्र में ही बुढापे की झलक  प्रकट होने लगती है|
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