बुधवार, 15 अक्तूबर 2014

कितना पानी पियें :चिकित्सकों की राय : How much water to drink : Physician Opinions










  1.    



    पानी शरीर का मुख्य रसायनिक तत्व है और मानव शरीर के वजन का 60 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है। हर शारीरिक क्रिया के लिए पानी की आवश्यकता होती है, जैसे आवश्यक अंगों से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने, कोशिकाओं तक पोषक तत्वों को पहुंचाने, कान, नाक और गले को नमी पहुंचाने का काम पानी करता है।
    पानी की कमी के कारण शुष्कता की समस्या हो जाती है, यहां तक इसके हलके रूप में भी शरीर से पोषक तत्व बाहर निकल जाते हैं और थकान महसूस हो सकती है






इतनी मात्रा चाहिए-




सांस लेने, पसीने के जरिए, यूरिन और पेट की क्रियाओं के दौरान पानी की हानि होती है। शारीरिक क्रियाएं सही तरीके से पूरी हों उसके लिए पानी की जरूरत होती है जो ऐसे खाद्य पदार्थों के जरिए पूरी हो सकती है जिसमें पर्याप्त मात्रा में पानी हो। संतुलित वातावरण में रहने वाले पुरुषों का एक दिन में लगभग 13 कप यानी 3 लीटर कुल पानी पीना चाहिए। और महिलाओं को कुल 9 कप यानी 2.2 लीटर पानी की जरूरत होती है।


कितना सही है 8 ग्लास पानी का विचार -

8 ग्लास पानी लगभग 1.9 लीटर के बराबर होता है जो संतुलित वातावरण में रहने वाले लोगों के हर दिन के आवश्यक डोज के लगभग बराबर है। चूंकि यह आंकड़ा याद करने योग्य है इसलिए 8 ग्लास का कंसेप्ट इतना लोकप्रिय हो गया।

इनसे प्रभावित हो सकती है पानी की मात्रा - कुछ खास स्थितियों में पानी की मात्रा बदलनी पड़ती है। आप कितने एक्टिव हैं, आपका वातावरण कैसा है, आपकी सेहत और गर्भवती या स्तनपान करा रही महिलाओं के लिए पानी के मात्रा बदल जाती है।
एक्सरसाइज: यदि आप व्यायाम कर रहे हैं या किसी अन्य गतिविधि में सक्रिय हैं तो फिर अधिक मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। हल्के-फुलके व्यायाम करने वालों को नियमित मात्रा से 1.5 से 2.5 कप अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन एक घंटे से अधिक समय तक एक्सरसाइज करने के बाद और अधिक तरल पदार्थों की जरूरत होती है।व्यायाम के दौरान आप कितना कितना पसीना बहाते हैं, कितने समय तक करते हैं और आपके व्यायाम का प्रकार क्या है, इन बातों पर आपका तरल लेना निर्भर करता है|





  1. बीमारी या सेहत संबंधी परेशानी: बुखार, उल्टी या डायरिया की स्थिति में शरीर से अतिरिक्त मात्रा में पानी का हानि हो जाता है। इस स्थिति में और अधिक मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। कुछ मामलों में डॉक्टर ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन लेने की भी सलाह देते हैं।






     मूत्राशय में संक्रमण या मूत्र -पथ में पथरी की  परेशानी में भी तरल पदार्थों की बढ़ी हुई मात्रा की जरूरत होती है। प्रसिद्ध  चिकत्सक वैध्य दामोदर :९८२६७-९५६५६:पथरी की हर्बल चिकित्सा के दौरान रोगी को गर्मी के मौसम में ६-७ लीटर और अन्य  मौसम में  ४-५ लीटर  पानी पीने का निर्देश देते हैं|



   लेकिन  हार्ट फेल्योर और कुछ खास प्रकार की किडनी से जुड़ी परेशानी की स्थिति में, लीवर और एड्रिनल डिसीज की स्थिति में पानी की मात्रा को सीमित करने की जरूरत होती है।


गर्भ काल और स्तन पान :



ऐसी महिलाओं को नमी बनाए रखने के लिए अतिरिक्त तरल की जरूरत होती है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान काफी मात्रा में तरल  की हानि हो जाती है|


   गर्भवती महिलाओं को 2.3 लीटर प्रतिदिन और जो महिलाएं स्तनपान करा रही हैं उन्हें  3.1 लीटर पानी हर दिन पीना आवश्यक होता है।


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