रविवार, 13 नवंबर 2016

अलसी का सेवन किस रोग में व कैसे करें?



सुपर फुड अलसी में ओमेगा थ्री व सबसे अधिक फाइबर होता है। यह डब्लयू एच ओ ने इसे सुपर फुड माना है। यह रोगों के उपचार में लाभप्रद है। लेकिन इसका सेवन अलग-अलग बीमारी में अलग-अलग तरह से किया जाता है।
स्वस्थ व्यक्ति को रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच अलसी का पाउडर पानी के साथ ,सब्जी, दाल या सलाद मंे मिलाकर लेना चाहिए । अलसी के पाउडर को ज्यूस, दूध या दही में मिलाकर भी लिया जा सकता है। इसकी मात्रा 30 से 60 ग्राम प्रतिदिन तक ली जा सकती है। 100-500 ग्राम अलसी को मिक्सर में दरदरा पीस कर किसी एयर टाइट डिब्बे में भर कर रख लें। अलसी को अधिक मात्रा मंे पीस कर न रखें, यह पाउडर के रूप में खराब होने लगती है। सात दिन से ज्यादा पुराना पीसा हुआ पाउडर प्रयोग न करें। इसको एक साथ पीसने से तिलहन होने के कारण खराब हो जाता है।
*खाँसी होेने पर अलसी की चाय पीएं। पानी को उबालकर उसमें अलसी पाउडर मिलाकर चाय तैयार करें।एक चम्मच अलसी पावडर को दो कप (360 मिलीलीटर) पानी में तब तक धीमी आँच पर पकाएँ जब तक यह पानी एक कप न रह जाए। थोड़ा ठंडा होने पर शहद, गुड़ या शकर मिलाकर पीएँ। सर्दी, खाँसी, जुकाम, दमा आदि में यह चाय दिन में दो-तीन बार सेवन की जा सकती है। दमा रोगी एक चम्मच अलसी का पाउडर केा आधा गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे और उसका सुबह-शाम छानकर सेवन करे तो काफी लाभ होता है। गिलास काँच या चाँदी को होना चाहिए।
*समान मात्रा में अलसी पाउडर, शहद, खोपराचूरा, मिल्क पाउडर व सूखे मेवे मिलाकर नील मधु तैयार करें। कमजोरी में व बच्चों के स्वास्थ्यके लिए नील मधु उपयोगी है।
*डायबीटिज के मरीज को आटा गुन्धते वक्त प्रति व्यक्ति 25 ग्राम अलसी काॅफी ग्राईन्डर में ताजा पीसकर आटे में मिलाकर इसका सेवन करना चाहिए। अलसी मिलाकर रोटियाँ बनाकर खाई जा सकती हैं। अलसी एक जीरो-कार फूड है अर्थात् इसमें कार्बोहाइट्रेट अधिक होता है।शक्कर की मात्रा न्यूनतम है।
*कैंसर रोगियों को ठंडी विधि से निकला तीन चम्मच तेल, छः चम्मच पनीर में मिलाकर उसमें सूखे मेवे मिलाकर देने चाहिए। कैंसर की स्थिति मेें डाॅक्टर बुजविड के आहार-विहार की पालना श्रद्धा भाव से व पूर्णता से करनी चाहिए। कैंसर रोगियों को ठंडी विधि से निकले तेल की मालिश भी करनी चाहिए।
*साफ बीनी हुई और पोंछी हुई अलसी को धीमी आंच पर तिल की तरह भून लें।मुखवास की तरह इसका सेवन करें। इसमें सैंधा नमक भी मिलाया जा सकता है। ज्यादा पुरानी भुनी हुई अलसी प्रयोग में न लें।
बेसन में 25 प्रतिशत अलसी मिलाकर व्यंजन बनाएं। बाटी बनाते वक्त भी उसमें भी अलसी पाउडर 

मिलाया जा सकता है। सब्जी की ग्रेवी में भी अलसी पाउडर का प्रयोग करें।
अलसी सेवन के दौरान खूब पानी पीना चाहिए। इसमें अधिक फाइबर होता है, जो खूब पानी माँगता है।
दमा में दिलाये राहत





बहुत कम लोग यह बात जानते है, लेकिन दमा के रोगियों के लिए भी किसी चमत्कारी औषधि से कम नहीं है| दमा के रोगी एक चम्मच अलसी के पाउडर को आधा गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे और फिर इसे सुबह शाम छानकर इसका सेवन करे तो काफी लाभ होता है|
खांसी से दिलाये छुटकारा

यदि ठंड के दिनों में आपको अकसर खांसी रहती है, तो ऐसे में अलसी की चाय का सेवन आपके लिए फायदेमंद होगा| इसके लिए अलसी का पाउडर बनाये| सादा पानी उबाल ले और उसमे अलसी का पाउडर मिलाये| इसका सेवन दिन में 2 से 3 बार करे|
ह्रदय रोग में फायदेमंद
भले ही अलसी के दाने छोटे छोटे हो, लेकिन इससे मिलने वाले फायदे बहुत बड़े है| आपको जानकर शायद आश्चर्य हो लेकिन अलसी का सेवन ह्रदय रोगो में भी फायदेमंद है| अलसी में पाया जाने वाला ओमेगा-3 जलन को कम और हृदय गति को सामान्य करने में मदद करता है| इसका नियमित सेवन करने से कार्डियो वेस्कुलर सिस्टम बेहतर बनता है। कुछ किये गए अध्यनों से पता चला है कि ओमेगा-3 से भरपूर भोजन करने से धमनियां सख्त नहीं पड़ती है। साथ ही यह व्हाइट ब्लड सेल्स को ब्लड वेसल के आंतरिक परत पर चिपका देता है, जिससे धमनियों में प्लैक जमने की संभावना भी कम हो जाती है|
जोड़ो के दर्द कम करे
ठंडी के दिनों में अक्सर वृद्ध लोगो को जोड़ो के दर्द में शिकायत रहती है| अलसी के बीजो का तेल जोड़ों के दर्द में राहत दिलाता है। इसके अलावा अलसी का नियमित सेवन शरीर को ऊर्जा व स्फूर्ति प्रदान करता है। कुछ लोगो के शरीर का वजन इतना ज्यादा होता है की उन्हें हमेशा पैरो में दर्द बना रहता है, लेकिन अलसी के सेवन से
शरीर का भार कम होता है, वसा कम होता है| और यह हमारी खाने की ललक को भी कम करता है।अलसी खून को पतला बनाये रखती है, जिसके चलते शरीर में अच्छा कोलेस्ट्रोल बढ़ता है और खराब कोलेस्ट्रोल कम होता है और ह्रदय स्वस्थ रहता है।
*इसका रोजाना सेवन करने से महिलाओ मे होने वाली रजोनिवृत्ति संबंधी परेशानियों से राहत मिलती है। यह मासिक धर्म के दौरान ऐंठन को कम करके गर्भाशय को स्वस्थ बनाये रखता है।
*अलसी के सेवन से पैरो में रक्त का प्रवाह बढ़ता है, जिससे पेरो के घाव और फोड़े, फुंसी दूर हो जाते है| यहाँ तक की इसके तेल से मसाज करने पर पेरो के नाख़ून मुलायम और सुन्दर बनते है|
*डायबिटीज के रोगी को कम शर्करा व ज्यादा फाइबर खाने की सलाह दी जाती है। अलसी में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है| जिससे ब्लड शुगर नियंत्रित रहती है और डायबिटीज से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव कम होते है|
*अलसी का सेवन पेट को साफ रखने में भी प्रभावशाली है। इसलिए स्वस्थ व्यक्ति को रोज सुबह-शाम असली का सेवन जरूर करना चाहिए| आप चाहे तो अलसी के पाउडर को दूध, दही या ज्यूस में मिलाकर भी लिया जा सकता है|
अलसी के सेवन करने के तरीके
लसी से मिलने वाले लाभ तो बहुत है, लेकिन इस से मिलने वाले फायदों के लिए इसका सेवन सही तरीके से करना जरुरी है| यहाँ जानिए इसे किस तरह से लेना चाहिए|

अलसी के सेवन करने के तरीके

अलसी से मिलने वाले लाभ तो बहुत है, लेकिन इस से मिलने वाले फायदों के लिए इसका सेवन सही तरीके से करना जरुरी है| यहाँ जानिए इसे किस तरह से लेना चाहिए|

जो लोग कैंसर के रोगी है उन्हें 3 चम्मच अलसी का तेल पनीर में मिलाकर उसमें सूखे मेवे मिलाकर लेना चाहिए।
स्वस्थ व्यक्ति रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच अलसी का पाउडर पानी के साथ या फिर दाल और सब्जी के साथ ले सकते है|
स्वस्थ व्यक्ति इसकी मात्रा 30 से 60 ग्राम ले सकता है| अलसी को सूखी कढ़ाई में रोस्ट कीजिये और मिक्सी में पीस लीजिये| लेकिन एकदम बारीक मत कीजिये और दरदरे पीसिये| भोजन के बाद इसे सौंफ की तरह खाया जा सकता है|





दमा के रोगी को एक चम्मच अलसी के पाउडर को आधा गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे और फिर उसे सुबह – शाम छानकर इसका सेवन करने से लाभ मिलता है|
आप इसे गर्मी या सर्दी दोनों मौसम में खा सकते है| इसमें पाया जाने वाले फाइबर से हमें कई स्वास्थ लाभ पहुँचते है| कभी कभार इसके सेवन से बहुत प्यास लगती है, इसलिए इसका सेवन करते वक्त भरपूर मात्रा में पानी पिये|
जो लोग कैंसर के रोगी है उन्हें 3 चम्मच अलसी का तेल पनीर में मिलाकर उसमें सूखे मेवे मिलाकर लेना चाहिए।
*स्वस्थ व्यक्ति रोज सुबह-शाम एक-एक चम्मच अलसी का पाउडर पानी के साथ या फिर दाल और सब्जी के साथ ले सकते है|
*स्वस्थ व्यक्ति इसकी मात्रा 30 से 60 ग्राम ले सकता है| अलसी को सूखी कढ़ाई में रोस्ट कीजिये और मिक्सी में पीस लीजिये| लेकिन एकदम बारीक मत कीजिये और दरदरे पीसिये| भोजन के बाद इसे सौंफ की तरह खाया जा सकता है|
*दमा के रोगी को एक चम्मच अलसी के पाउडर को आधा गिलास पानी में 12 घंटे तक भिगो दे और फिर उसे सुबह – शाम छानकर इसका सेवन करने से लाभ मिलता है|
तो यह थे  आलसी सेवन के फायदे |आप इसे गर्मी या सर्दी दोनों मौसम में खा सकते है| इसमें पाया जाने वाले फाइबर से हमें कई स्वास्थ लाभ पहुँचाते है| कभी कभार इसके सेवन से बहुत प्यास लगती है, इसलिए इसका सेवन करते वक्त भरपूर मात्रा में पानी पिये|
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