रविवार, 19 फ़रवरी 2017

अरंडी के तेल के गुण, औषधीय उपयोग

   

    एरंड का पेड़ (गुल्म) छोटा, 5 से 12 फुट ऊँचा होता है। पत्ते हरापन या ललाई लिये, 1-1 फुट के घेरे में, गोलाकार, कटे हुए, अँगुलियों सहित हथेली के आकार-से, 4-12 इच्च लम्बे और पीले डंठल पर लगे होते हैं। फूल पीलापन लिये गुच्छे में मोटे डंठल पर रहते हैं। एरण्ड के फल गोल, कई एक साथ, कोमल काँटों से युक्त, कच्ची अवस्था में हरे तथा पकने पर धूसर वर्ण के होते हैं। वे पक जाने पर सूर्य की गर्मी से फट जाते हैं। प्रत्येक एरण्ड के फल में तीन-तीन बीज, ललाई लिये काले रंग के, सफेद चितकबरे होते हैं।
    अरंडी तेल बहुत सारे गुणों से भरपूर होता है फिर वो फ़ायदा बालों के लिए हो, हमारे शरीर के लिए हो या फिर हमारी त्वचा के लिए हो, अरंडी का तेल से आप जैसा चाहे फायदा ले सकते है। ज्यादातर अरंडी तेल का इस्तेमाल बालों से जुड़ी समस्याओं के लिए किया जाता है लेकिन स्वास्थय से जुड़ी समस्या जैसे जोड़ों का दर्द, त्वचा रोग और कब्ज जैसी समस्याओं में भी इसका प्रयोग हितकारी होता है। यदि आपके बाल ख़राब हो रहे है, झड़ रहे तो आप आज से ही अरंडी के तेल का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए । यह तेल बालों की समस्या से आपको कोसों दूर रखेगा क्योंकि यह तेल बालों से जुड़ी हर समस्या का निवारण बहुत जल्दी करता है । प्रदूषण का, हमारे खान-पान का प्रभाव हमारे बालों पर अधिक पड़ता है और बालों की समस्या होना आज एक आम सी बात हो गई है, हर दूसरा इंसान इस समस्या से परेशान है। कैस्टर ऑइल एक तरह का चिपचिपा तेल होता है। लेकिन बालों के लिए भी यह औषधि मानी जाती है। अरंडी तेल का हमारी हर तरह से मदद करता है तो आइए जानते है इसके कई फायदों के बारे में
एरण्ड के गुण : 
   यह स्वाद में मीठा, चरपरा, कसैला, पचने पर मीठा, भारी, चिकना, गर्म और तीक्ष्ण होता है। इसका मुख्य प्रभाव वातनाड़ी-संस्थान पर पड़ता है। यह शोथहर-पीड़ानाशक, विरेचक, हृदयबलदायक, श्वासकष्टहर, मूत्रविशोधक, कामोत्तेजक, गर्भाशय और शुक्र-शोधक तथा बलदायक है।
वजन कम करना-
   अरंडी तेल आपका वज़न कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है। कैसे : अगर आप अपना वज़न कम करना चाहते है तो आप रोज़ सुबह खली पेट सबसे पहले दो चम्म्च अरंडी के तेल का सेवन करें, लेकिन आप ऐसा 10 दिनों में से 5 दिन ही करना है। क्योंकि अरंडी का तेल अधिक लेने से आपको दस्त भी हो सकता है ।
पेट का स्वास्थ्य -
  अरण्डी के तेल का कम मात्रा मे सेवन करना पेट की समस्याएँ जैसे कमजोर पाचन, indigestion (बदहजमी), फ़ूड poisoning, कब्ज (कॉन्स्टिपेशन), पेट मे कीड़े आदि को ठीक कर आपके पेट की सेहत बेहतर करने में मददगार होता है| हल्के गर्म तेल की पेट पर मसाज से पाचन और आमाशय के स्वस्थ्य  पर पॉज़िटिव प्रभाव  देखने को मिलता है|
आमवात : 
आमवात की गाँठों में सूजन और दर्द होने पर 1 तोला अरण्डी तेल में 3 माशा सोंठ का चूर्ण मिलाकर देने से लाभ होता है।
2. कमर-दर्द :
    एरण्ड-बीजों का छिलका निकाल उसकी आधा पाव (10 तोला) गिरी एक सेर गाय के दूध में पीसकर पकायें। मावा (खोया) जैसा बन जाने पर उतार लें। यह 1-2 तोला तक सुबह-शाम सेवन करने से कमर-दर्द, गृध्रसी (साइटिका) और पक्षाघात में आराम होता है।
* टिटनेस : 
धनुस्तम्भ, हिस्टीरिया, आक्षेप और जकड़न में अरण्डी-तेल से मालिश कर सेंकना चाहिए।
* रक्त-आमातिसार :
 एरण्ड की जड़ को दूध के साथ पीने से रक्त-आमातिसार मिट जाता है।
*श्लीपद :
 श्लीपद (फायोलेरिया) पर अरण्डी-तेल गोमूत्र में मिलाकर एक मास तक पीने से लाभ होता है।
* वृक्कशूल-पथरी :
 दर्द गुर्दा (वृक्कशूल) और उदरशूल में एरण्ड की जड़ का काढ़ा सोंठ डालकर पीने से लाभ होता है। इसमें हींग और नमक मिलाने से पथरी भी निकल जाती है।
* मलबन्ध-बवासीर : मलबन्ध कब्ज बवासीर और आँव में अरण्डी का तेल 5 तोला पिलाने से लाभ होता है। उससे विरेचन होकर वायु का अनुलोमन हो जाता है।
* शोथ : 
किसी स्थान पर शोथ (सूजन) या वेदना (दर्द) हो, वहाँ अरण्डी-तेल लगाकर उसी के पत्तों को गर्म करके बाँध देना चाहिए।
* योनि-शूल : 
योनि-शूल में अरण्डी-तेल में रूई का फाहा भिगोकर योनि में रखने पर लाभ होता है। प्रसवकाल के कष्ट में भी इसका प्रयोग करना चाहिए।
* अाँखों की जलन : 
कभी आँखों में सोडा, चूना, आक आदि का दूध पड़ जाय तो 1-2 बूंद अरण्डी-तेल आँखों में डालने से जलन और दर्द में शीघ्र आराम हो जाता है।* चर्म रोग : एरण्ड के जड़ को पानी में उबाल कर उस पानी को त्वचा पर लगाने या धोने से चर्म रोग का नाश होता है।



*. बालों के लिए वरदान :
 रोजाना सिर के बालों की मालिश एरण्ड के तेल से करने पर बाल काले, घने, चमकीले और जिनके बाल कम हो गए हों पुनः वापिस आ जाते हैं।
*काँच खा लेने पर : काँच खा लेने पर एरण्ड का तेल पिला देने से नुकसान नहीं होता।
गठिया का उपचार
अरंडी का तेल Ricinoleic, Oleic और Linoleic acidsसे भरपूर होता है| साथ ही इसमें फॅटी acids भी पाया जाते हाइन| ये सभी गुण Rheumatism जैसे arthritis, gout आदि के लक्षण जैसे दर्द, inflammation और सुजन को कम करने मे असरदार होते हैं
पीठ मे दर्द का इलाज (backpain home treatment)
यदि आपकी कमर या पीठ मे दर्द हो रहा है तो इसमें भी अरंडी के तेल का इस्तेमाल करके आप उस दर्द से निजात पा सकते हैं| यह तेल backache के लिए एक आसन और सुरक्षित होम रेमेडी होती है| बस आपको हल्का गरम तेल अपनी पीठ पर मलना है और उसपर कुछ देर hot pad लगाके रखना है ताकि सेक (हीट) से तेल स्किन के अंदर समा कर inflammation , सूजन और दर्द को कम कर सके| ऐसा रोजाना रात को 3 दिन करने से आपको लाभ मिलेगा और दर्द का अंत होगा तुरंत|इम्युनिटी सिस्टम में सुधार करता है : नेचुरोपैथी कराने वाले लोगों को कैस्टर ऑयल से इम्युनिटी सिस्टम मज़बूत करने में मदद मिलती है। ये व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाकर आपके शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने की शक्ति देता है।



कब्ज़ से राहत दिलाता है : 
ये तेल रिसिनोलिक एसिड जारी करने में मदद करता है, जो आंत में मौजूद है। एसिड जारी करने के बाद, यह एक लैक्सटिव के रूप में अच्छी तरह से काम करता है। ये तेल गर्म होता है, इसलिए ये मल त्याग के प्रक्रिया को आसान बनाने और आंतरिक प्रणाली को साफ रखने में सहायक होता है।
गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा :
 कैस्टर ऑयल गर्भाशय संकुचन पर दबाव डालकर लेबर के लिए प्रेरित करता है। इसमें रिसिनोलिक एसिड होता है, जो गर्भाशय में ईपी3 प्रोस्टेनोइड रिसेप्टर को सक्रिय करता है, जिससे प्रसव को आसान और सहज बनाने में मदद मिलती है।
अल्सर से छुटकारा दिलाने में सहायक : 
कैस्टर ऑयल को बेकिंग सोडा के साथ मिलाकर लगाने से मिनटों अल्सर से राहत मिलती है। ये कॉर्न के प्रभावी इलाज में भी सहायक है। इसमें फैटी एसिड होता है, जिसे त्वचा आसानी से अवशोषित कर लेती है। ये ओवेरियन सिस्ट को भी खत्म करता है।
जोड़ों के दर्द को कम करता है : इसका एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पड़ता है, जिस वजह से ये गठिया के इलाज में सहायक है। इसके अलावा इस तेल की मालिश करने से जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों में सूजन और नसों के बेचैनी को कम करने में मदद मिलती है।
बालों की समस्‍या दूर करने के लिए अरंडी का तेल प्रयोग करना बहुत ही कारगर है. अरंडी का तेल बालों के बढ़ने में वृद्धि करता है. पतले हो रहे बालों को घना करने में मदद करता है. बालों का नुकसान दिखना कम करता है और बालों के नुकसान को रोकता है. सूखे बालों को पोषण और उन्हें चमक और उछाल देता है. बालों को घनापन और चमक देता है जिसके परिणामस्वरुप बाल स्वस्थ दिखते है. बालों और सिर की त्वचा को गहराई से कंडिशनिंग और नमी देता है. सिर की त्वचा का सूखापन रोकता है.



प्रयोग

उंगलियों के प्रयोग से, बाल की जड़ों और सिर की त्वचा पर उच्च मात्रा में अरंडी के तेल लगाए.
सिर की त्वचा पर तेल समान रूप से वितरित हो रहा है,यह सुनिश्चित करे.
बाकी बालों में तेल लगाने से बचें क्योंकि तेल के गाढ़ेपन से बालों से तेल धोकर निकालने में मुश्किल हो सकती है.
सिर की त्वचा पर लगाने के बाद, एक प्लास्टिक की टोपी के साथ अपने बालों को ढके और एक तौलिया में लपेटे.
तेल को कम से कम 15 से 20 मिनट तक रहने दे या रात भर भी रख सकते हैं.
बाद में अरंडी के तेल को निकालने के लिए शैम्पू के साथ धोले|.
यह उपाय हप्ते में एक बार करे और छह से आठ सप्ताह तक ऐसा करे जिससे अच्छे परिणाम दिखेंगे.
श्वेत एरण्ड : बुखार, बलगम, पेट में दर्द, शरीर में किसी भी अंग में सूजन, शरीर में दर्द, सिर दर्द, कमर में दर्द, अंडकोष वृद्धि को ठीक करने के काम आती है।



रक्त एरण्ड : पेट में कीड़े, बवासीर ( Piles ), भूख ना लगना, पीलिया संबंधी रोगों को ठीक करता है

एरण्ड के फूल : एरण्ड के फूल लाल बैंगनी रंग के एक लिंगी होते हैं। एरण्ड के फूल सर्दी के सभी रोगों जैसे सर्दी-जुकाम, ठण्ड से बुखार, बदन दर्द बलगम आदि के लिए लाभदायक है।
Menstrual problems करे दूर
यदि आपको पीरियड यानि मासिक धर्म आने में प्राब्लम है, या पीरियड में देर हो रही है या पीरियड बंद हो और अधिक दर्द हो रही है तो अरंडी का तेल उपयोग करके आप इन सभी प्रॉब्लम्स से छुटकारा पा सकते हैं| अरण्डी के तेल में emmenagogue गुण होते हाइन जो कई पीरियड सम्बंधित प्रॉब्लम्स को दूर करे हैं|
Castor oil for skin care
यदि आपकी स्किन sunburn के कारण सूज गयी है तो उसे पर अरंड का तेल लगाइए| इस तेल के एंटी इनफ्लमेटरी गुण इनफ्लमेशन कम करके आपको आराम देंगे| साथ ही sunburnके कारण काली पड़ी स्किन को वापिस सही tone मे लाने मे मदद भी मिलेगी|
यदि प्रेग्नेन्सी या मोटापे के कारण आपके पेट या कमर पर स्ट्रेच मार्क्स पड़ गये हो तो रोजाना अरंडी के तेल की मसाज करे|. 2 महीने मे वो गायब हो जायेंगे|
Ringworm या दाद होने पर एक चम्मच castor oil को 2 चम्मच कोकनट आयल मे मिलकर स्किन पर लगाने से दाद खाज खुजी दूर हो जाती है|
इसे मस्से पर लगाने से भी फ़ायदा होता है|
रेग्युलर इसका इस्तेमाल त्वचा पर करने पर age spots और फ्रेकल्स भी दूर होते हैं|
यदि आपका चेहरा, हाथ, एड़ियाँ, टाँगे आदि खुश्क (ड्राइ) रहते हैं तो आप अपनी त्वचा को अच्छे से सॉफ करके रात को सोने से पहले अरण्डी के तेल को लगा कर सो जायें| ये नुस्ख़ा आपकी स्किन को नम करने के साथ उसे सॉफ्ट, सिल्की, कोमल, मुलायम बना देगा|
इस तेल से चेहरे पर मसाज करने से आप कुछ ही मिनिट्स मे ग्लोयिंग फेस पा सकते हैं| मसाज से ब्लड फ्लो अच्छा होगा साथ ही आपकी स्किन को पोषण मिलेगा जिससे आपके फेस पर पिंक ग्लो आ जाएगा|
यदि आपकी त्वचा काली है या उस पर blackspots, dark patch, काले दाग धब्बे आदि हैं तो उस जगह पर अरण्डी का तेल रोज मलने से वो ब्लैक मार्क्स धीरे धीरे मिट जायेंगे| ऐसा castor oil के स्किन whitening गुण के कारण होता है| इतना ही नही ये आयल उस जगह पर नए टिश्यू की growth को प्रमोट करवाता है फलसवरूप डार्क और डॅमेज्ड टिश्यूस दूर हो जाते हैं और सॉफ निखरी त्वचा बाहर आ जाती है|



क्या आपके फेस पर असमय wrinkles और छोटी छोटी धारियाँ (फाइन लाइन्स) पड़ गयी हैं? आप रोजाना रात को इस आयिल से अपने सॉफ फेशियल स्किन पर मसाज करिए| इसके anti-ageing गुण signs of ageing को हटाने में काफ़ी मददगार साबित होते हैं|
चेहरे की त्वचा के लिए अरंडी के तेल के बहुत फायदे हैं जैसे की ये आयिल collagen production को तेज करवाता है इसलिए उम्र बढ़ने के प्रभाव कम करके ये आपकी स्किन को टाइट और यंगर लुकिंग रखने मे सहायता करता है|
अरण्डी आयल के मेडिसिनल गुणों के कारण इसे बहुत सारी स्किन प्रॉब्लम्स को ठीक करने मे उपयोग किया जाता है| इस oil को इसके moisturizing और हीलिंग गुणों के कारण skin care मे सदियों से उसे किया जा रहा है| ये wrinkles, acne, पिंपल्स, फेस के खुश्की (ड्राइनेस्), dark marks, acne scars और दूसरी त्वचा सम्बन्धी समस्याओं को दूर करने मे असरदार माना जाता है| नीचे अरंडी के तेल के skin and face care uses दिए गये हैं|
castor oil में कमाल के घाव भरने वाले गुण पाए जाते हैं और ये गुण इसमे पाए जाने वेल यूनीक रायसीनोलिक फैटी एसिड के कारण होते हैं| ये फॅटी एसिड अरण्डी के अलावा किसी और तेल या नॅचुरल स्त्रोत मे नही पाया जाता|
आपको इसके स्किन को moisturize करने वाले गुणों के बारे मे तो पता ही है लेकिन इसमे इसके अलावा अनडीसाईंलेनिक एसिड होते हैं जिनसे इस तेल को कमाल के एंटी बॅक्टीरियल गुण मिलते हैं|. और यही गुण फेस पर acne और संक्रमण को रोकने मे काम आते हैं| साथ ही इस आयिoilल के anti inflammatory गुण मुहासे से सम्बंधित सोज को ठीक करके उसे जल्दी ठीक होने मे मदद करते हैं|

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