बुधवार, 21 जून 2017

आंखों की रोशनी बढ़ाने वाले योग आसन


  आंख हमारे शरीर का सबसे अधिक आकर्षण वाला हिस्सा ही नहीं, बल्कि सबसे उपयोगी अंग भी है। इसका सिर्फ खूबसूरत होना तबतक मायने नहीं रखता जबतक कि आपके आंखों की रोशनी भी सलामत न हो, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो या तो आपकी खूबसूरत आंखों को चश्मे के मोटे-मोटे फ्रेम की नज़र लग जाएगी या फिर लेंस लगाने के झंझटों में फंसे ही रहेंगे। वैसे तो उम्र बढ़ने के साथ-साथ आंखों की समस्या से हमें जूझना ही पड़ता है, लेकिन इसके पीछे वजह यह है कि आंखों के आसपास की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं। यदि यह कसी रहे तो आपके आंखों की रोशनी को आपसे कोई दूर नहीं कर सकता। इसके लिए योग एकमात्र बेहतरीन उपाय है। इससे निकट दृष्टि और दूर दृष्टि दोनों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आइए, जानें कौन-कौन से योग और क्या उपाय हैं जो आपकी आंखों की रोशनी को लंबे समय तक आपके साथ तो रखेंगे ही, साथ ही यदि आप फिलहाल चश्मा इस्तेमाल कर रहे हैं तो उससे भी छुटकारा दिला सकते हैं।
   आँखों के जरिये ही हम सारे कामो को ठीक तरह से कर सकते है| इसलिए हमें इसका सही तरह से ख्याल रखना बेहद जरुरी है| दिन भर कंप्यूटर पर काम करना, ज्यादा देर टीवी देखना, या देर तक पढ़ाई करने के कारन हमारी आँखे सिर्फ थकती है नहीं, बल्कि स्ट्रेस का असर हमारी आँखों की रौशनी पर ही पड़ता है|
कई बार ऐसा होता है की पैसे कमाने की जरुरत के लिए देर रात तक जागना, या फिर घंटो काम करना हमारी मज़बूरी बन जाती है| ऐसे में हमारी आंखों के आसपास की माश्पेसिया अपने लचीलेपन को खो देती हैं और कठोर हो जाती हैं। नतीजनत् कम उम्र में ही दृष्टि दोष हो जाता है|
आपने हमेशा सुना होगा की योग से हमें कई स्वास्थ्य लाभ मिलते है| हम आपको बता दे की आँखों के लिए भी योग बेहद फायदेमंद है| आइये जानते है Yoga for Eyes in Hindi, किस तरह आँखों के लिए फायदेमंद है योग|
इन आसनो से बढ़ेगी आँखों की रौशनी
आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए योग एकमात्र बेहतरीन उपाय है। नियमित रूप से योगा करने पर आपके आँखों की रौशनी तो बढ़ेगी ही साथ ही निकट दृष्टि दोष और दूरदृष्टि दोष भी सही हो जाते हैं। जिससे आप लेंस लगाने या चश्मा लगाने के झंझटो से बच जायेंगे| और यदि आपको पहले से चश्मा लगा भी हुआ हो, तो वो भी उतर जायेगा|
चश्मा लगा है तो करे त्राटक आसन
अगर आपको काफी ज्यादा पावर के चश्मे लगे है और नंबर लगातार बढ़ता जा रहा है, तो त्राटक आसन करना आपके लिए फायदेमंद होगा| और यदि आपको चश्मा नहीं भी लगा हे तो त्राटक आसान करने के बाद आपको चश्मा लगाने की नौबत ही नहीं आएगी| इस आसन को अंधेरे में किया जाता है, इसलिए रात का समय बेहतर है| यदि आप इसे दिन में करते है तो कमरे को बंद कर अंधेरा कर लें। कमरे में एक मोमबत्ती जलाकर मोमबत्ती के सामने प्राणायाम की मुद्रा में बैठ जाएं। अब बिना पलकें झपकाए एकटक से मोमबत्ती को देखते रहें। इसके बाद आँखे बंद करके ओम का उच्चारण करें और फिर आंख खोल लें। इस प्रक्रिया को कम से कम 3 बार करें। आखिर में अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें और फिर उस गर्म हथेली से आंखों को स्पर्श करते हुए आंख खोलें।  ध्यान रखें कि आंख खोलने के दौरान आपकी नजर आपकी नाक पर ही होनी चाहिए।



शवासन से बढ़ाये आँखों की रौशनी

शवासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं| आसान करते वक्त अपने मन को शांत स्तिथि में रखे| इसके पश्चात पैरों को ढीला छोडकर हाथों को शरीर से सटाकर कर बगल में रख लिजिए। आपका पूरा शरीर फर्श पर स्थिर होना चाहिए। इस आसन को नियमित रूप से करने से शरीर की थकान दूर होती है और आंखों को आराम मिलता है और आँखों की रोशनी भी बढती है।पकी नजर आपकी नाक पर ही होनी चाहिए। इस आसान को सप्ताह में कम से कम 3 बार जरूर करें|
अनुलोम विलोम भी फायदेमंद
अनुलोम विलोम प्राणायाम को करने के लिए पालकी मांढ़कर बैठ जाये| आपकी कमर और गर्दन दोनों सीधी होनी चाहिए| अब अपनी आंखें बंद कर लें। अब अपने सीधे हाथ को नासारन्ध्रों पर ले जाएं। अब अपनी बीच की अंगुलियों को सीधा रखते हुए अंगूठे से दाएं नासारन्ध्र(नाक के छिद्र) को बंद कर लें। और बाएं नासारन्ध्र से धीरे-धीरे सांस को बाहर की ओर निकालें। सांस छोड़ने के बाद अब बाएं नासारन्ध्र से ही सांस भरना प्रारंभ करें। अधिक से अधिक सांस भरने के बाद बाएं नासारन्ध्र को अंगुलियों की मदद से बंद कर लें व अंगूठे को दाएं नासारन्ध्र से हटाकर दाईं नासिका से सांस को धीरे-धीरे बाहर निकालें। इस प्रक्रिया 3 से 5 मिनट दोहराये| इस आसान को करने से मानसिक तनाव दूर होता है| आँखों की थकावट दूर होती है और रौशनी बढ़ती है|



सर्वांगासन से बढ़ाएँ नजर 
इस आसन में शरीर के सारे अंगों का व्यायाम एक साथ हो जाता है, इसलिए इसे सर्वांगासन का नाम दिया गया है।
कैसे करें:
सपाट जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को शरीर के साइड में रखें। दोनों पैरो को धीरे-धीरे ऊपर उठाइए। पूरा शरीर गर्दन से समकोण बनाते हुए सीधा लगाएं और ठोड़ी को सीने से लगाएं। इस पोजिशन में 10 बार गहरी सांस लें और फिर धीरे-धीरे पैर को नीचे करें।यह आपकी आंखों के आसपास की मांसपेशियों में रक्त संचार को बढ़ाता है, जिससे आंखों की रोशनी हमेशा अच्छी बनी रहती है।
अन्य तरीके इन्हे भी अपनाये
अपने दोनों हाथों को आपस में रगड़ें और फिर तेजी से आँखों पर रखें। कुछ क्षण बाद हाथों को हटा लें और फिर धीरे-धीरे आंखें खोलें। आँखों को अधिक स्ट्रेस से राहत पहुंचाने के लिए यह बेहतरीन Yoga Exercises for Eyes है।
अपने आँखों का फोकस बढाने के लिए सबसे पहले तो एक ऐसा टार्गेट चुनें जो आपकी नजर से सबसे दूर हो और उसे देखने की कोशिश करें। रोज पांच से दस मिनट तक यह एक्सरसाइज करें। इससे दूर की नजर मजबूत होती है|
पलक को झपकाकर आप आँखों पर देर तक रहने वाले तनाव को कम कर सकते है| इसके लिए तीन से चार सेकंड तक अपनी पलकों को लगातार झपकाएं और फिर आँखे तेजी से बंद कर लें। कुछ सेकंड बाद फिर आँखे खोलें। यह आँखों को आराम दिलाने का सबसे आसान तरीका है|




प्राणायाम : 
हममें से कई लोग ऐसे हैं जो कंप्यूटर पर लगातार 10-12 घंटे काम करते हैं, जिससे उनकी आंखें धीरे-धीरे उनका साथ छोड़ने लगती हैं। ध्यान रखें, आंखों को आराम देने का मतलब सिर्फ यह नहीं कि आप रात में सोते हैं। क्या आप जानते हैं कि आंखों की रोशनी कमजोर हो तो यह आपकी याद्दाश्त को भी क्षीण कर सकती है? प्राणायाम आंखों की रोशनी को सही और आपके मानसिक स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है। <br>इसे करने के लिए आप सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाएं। अपने दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और पीठ सीधी रखें। अब आंखें बंद रखकर लंबी सांस लें और फिर छोड़ें। इस क्रिया को लगातार करें। ध्यान रखें कि जहां आप यह आसान कर रहे हों वहां उचित साफ-सफाई और वातावरण एकदम शांत हो।
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