फ़ोड़े फुंसी के घरेलू आयुर्वेदिक उपचार


फोड़े-फुंसी, दाद-खाज, खुजली, सोरायसिस, मुंहासे, झाइयां आदि कई ऐसे चर्म रोग एक ऐसी समस्‍या है, जिससे दुनिया की ज्‍यादातर आबादी परेशान है। ये ऐसी समस्‍याएं हैं जो त्‍वचा के ऊपर साफ दिखती हैं। इनके लिए कई प्राकृतिक उपचार हैं, जिससे चर्मरोगों का इलाज किया जा सकता है। इन चर्म रोगों में फोड़े-फुंसी सबसे आम है, जिसके लिए हम आपको प्राकृतिक तरीके से इसे ठीक करने के उपाय बता रहे हैं।
शरीर पर फोड़े फुंसी होना आम बात है। लेकिन जब ये जरूरत से ज्यादा हो जाएं, तो गंभीर समस्या का रूप धारण कर लेते हैं। यह कभी भी हो सकते हैं। फोड़ा या फुंसी एक त्वचा संक्रमण है, जो सटैफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। गुलाबी और लाल रंग के दिखने वाले फोड़े फुंसी में पस भर जाता है, जिससे इस जगह पर एक घाव बन जाता है।
चेहरे पर फोड़े फुंसी दिख जाएं, तो लड़कियां परेशान हो जाती हैं। वैसे तो, शरीर पर फोड़े होना आम समस्या है, इसमें चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन समय रहते इनका इलाज न किया जाए, तो यह आपको दर्द और सूजन दे सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अक्सर शरीर में पोषक तत्वों की कमी और खून में खराबी के कारण फोड़े फुंसी हो जाते हैं। प्रदूषित हवा भी त्वचा पर फोड़े फुंसी होने का कारण बनती है। फोड़े फुंसियों के निकलने पर खुजली और जलन भी होती है, जिससे मरीज को बैचेनी महसूस होती है।
जब त्वचा पर पसीने की ग्रंथियां अवरूद्ध हो जाती हैं, तो इस जगह पर फोड़ा बन जाता है। शरीर पर फोड़े फुंसी अक्सर जीवाणु (स्टैफिलोकोकस) संक्रमण के कारण होते हैं। जब त्वचा के नीचे वाली परत में सूजन के बाद मवाद या पस भर जाता है, तो फोड़े या फुंसी हो जाते हैं। ये अधिकतर पीठ, छाती, चेहरे या नितंबों पर विकसित होते हैं। विशेषज्ञों की मानें, तो शरीर के बालों की जड़ में एक सूक्ष्म बैक्टीरिया के कारण फोड़े-फुंसी उठने लगते हैं। इसके अलावा कच्ची अमिया का सेवन करने, खून की खराबी, मच्छर काटने या आम ज्यादा खाने से भी शरीर पर फोड़े फुंसी निकल आते हैं। कई लोगों को ज्यादा मिर्च-मसाले और तेल खाने से भी चेहरे पर फोड़े फुंसी निकल आते हैं।
एक फोड़ा पहले तो त्वचा पर फुंसी के समान ही दिखाई देता है। फिर ये समय के साथ बढ़ जाता है। फोड़े या फुंसी अगर शरीर के किसी भी हिस्से में हो जाएं, तो बहुत दर्द होता है। ये आसानी से ठीक नहीं होते। थोड़े समय बाद ये पकने लगती हैं और इसमें मवाद व पस पड़ जाता है। कुछ फुंसियां बिना पके बैठ जाती हैं, लेकिन इनके अंदर मवाद या पानी भरा रहता है। इसलिए कुछ दिन बाद फिर से पककर ये अक्सर फूट जाती हैं।
फोड़ा या फुंसी बहुत दर्दनाक होती है। इसलिए पहले अगर इनके लक्षणों को जान लिया जाए, तो समय पर आसानी से इसका इलाज किया जा सकता है।


लक्षण-

बुखार
जी-मिचलाना
ठंड लगना
सूजन और दर्द
त्वचा पर घाव
फोड़ों से तरल पदार्थ का निकलना
संक्रमण स्थल पर त्वचा का ऊतक कठोर हो जाना
फोड़े फुंसी के लिए घरेलू नुस्खे
बेकिंग सोडा
फोड़े-फुंसी के लिए यह घरेलू नुस्खा अच्छे से काम करता है। फोड़े की सतह पर त्वचा पहले से ही खिंची होती है। ऐसे में बेकिंग सोडा और नमक का संयोजन फोड़े को ठीक करने में मदद करता है। बेकिंग सोडा में एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण हैं, जो संक्रमण को होने से रोकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल-
फोड़े-फुंसी के लिए बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच बेकिंग सोडा के साथ एक चम्मच नमक मिलाएं। इसमें थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। अब कॉटन बॉल की मदद से इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। 15-20 मिनट तक इसे लगा रहने दें और फिर ठंडे पानी से धो लें। एक बार इस्तेमाल करने पर ही आपको बहुत अच्छा परिणाम मिलेगा।
फोड़े-फुंसी के लिए काली मिर्च का प्रयोग
फोड़े-फुंसी के इलाज में काली मिर्च बहुत फायदेमंद होती है। इसमें मौजूद एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटीबैक्‍टीरियल गुण फोड़े-फुंसियों का सफाया करने में मदद करते हैं। यह फोड़े-फुंसी के कारण होने वाली सूजन और दर्द को दूर करती है। और इससे फुंसी अपने आप गायब हो जाती है।
काली मिर्च का प्रयोग
सबसे पहले आप काली मिर्च के कुछ दानें लें
काली मिर्च को कूट लें और उसमें थोड़ा पानी मिला लें।
काली मिर्च और पानी को अच्‍छी तरह से मिलाकर पेस्‍ट बना लें।
इस मिश्रण को फोड़े के ऊपर त्‍वचा पर लगाएं।
इसको लगाते ही आपको असर दिखने लगेगा।
काली मिर्च लगाने के साथ दर्द और सूजन कम होने लगेगा।
काली मिर्च पेस्‍ट को लगाने के कुछ घंटों बाद ही फोड़े-फुंसी का दायरा कम होने लगेगा।
सिरका फोड़े फुंसी की घरेलू दवा 
सेब का सिरका फोड़े फुंसी को ठीक करने के लिए बहुत अच्छा है। यह सूजन शुरू होने के बाद बैक्टीरियल इंफेक्शन को साफ करता है। इसके अलावा यह त्वचा के पीएच लेवल को सही करता है, ताकि त्वचा पर फोड़े और सूजन जैसी समस्या से बचा जा सके।
कैसे करें इस्तेमाल-
सेब के सिरके का उपयोग करने के लिए पहले एक चम्मच में एक कप सिरका निकालें। अब कॉटन बॉल को इसमें डुबोएं और फिर फोड़े-फुंसी के आसपास वाली जगह पर लगा लें। अगर आपको इसे लगाने पर जलन हो, तो आप सिरका में थोड़ा पानी भी मिला सकते हैं। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को सिरका और पानी की बराबर मात्रा लेनी है। अच्छे परिणाम के लिए नियमित रूप से इसे लगाएं।
हल्दी
हल्दी अपने एंटीसेप्टिक और एंटीइंफ्लेमेट्री गुणों के लिए जानी जाती है। यह फोड़े को तुरंत ठीक करने का सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है।
इस्तेमाल करने का तरीका-
आप जानते होंगे कि हल्दी का दूध पीने से फोड़े-फुंसियों में आराम मिलता है, लेकिन अंदरूनी संक्रमण को खत्म करने के लिए भी हल्दी का लेप बनाकर फोड़े पर लगाया जा सकता है। इसके लिए आप एक चम्मच हल्दी में एक चम्मच दूध मिलाएं। यह पेस्ट आप फोड़े-फुंसी वाली जगह पर लगाएं। 20-30 मिनट के लिए इसे सूखने दें और फिर पानी से धो लें। संक्रमण को ठीक करने के लिए इस लेप को रोजाना तीन बार लगाएं।


नीम

त्वचा विकार के इलाज के लिए नीम का उपयोग सदियों से किया जाता रहा है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो प्रभावित क्षेत्र पर संक्रमण का इलाज करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल–
फोड़े फुंसी के लिए नीम का इस्तेमाल बहुत अच्छा है। इसके लिए कुछ नीम की पत्तियों को पानी में मिलाकर पीस लें और एक पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और 15-20 मिनट तक सूखने दें और फिर धो लें। फोड़े फुंसी से जल्द छुटकारा पाने के लिए दिनभर में कुछ घंटों में यह उपचार अपनाने से फोड़े हों या फुंसी झट से गायब हो जाएंगे।
सेंधा नमक
सेंधा नमक को पानी में भिगोने से फोड़े के दर्द से राहत मिलती है। यह आपकी त्वचा को मुलायम बनाने के साथ संक्रमण को धीरे -धीरे ठीक करने के साथ सूजन भी कम करता है।
कैसे करें इस्तेमाल-
सेंधा नमक का इस्तेमाल फोड़े फुंसी से छुटकारा पाने के लिए बहुत अच्छा है। इसके लिए एक कटोरी या बाथटब में पानी में एक कप सेंधा नमक मिला लें और प्रभावित क्षेत्र को इसमें 15-30 मिनट तक डुबोकर रखें। अच्छे परिणामों के लिए दिन में तीन से चार बार इस उपाय को करें।
नारियल का तेल
नारियल तेल का प्रयोग कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में किया जाता है। इसकी मदद से आप शरीर पर दिखने वाले फोड़े फुंसी दूर कर सकते हैं। दरअसल, नारियल के तेल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेट्री गुण होते हैं, जो फोड़े फुंसी को कम करने का काम करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल-
नारियल का तेल फोड़े-फुंसी में बहुत फायदेमंद है। इसके लिए एक कटोरी में नारियल का तेल डालें। इसमें दस से पन्द्रह बूंद टी ट्री ऑयल मिलाएं। इस मिश्रण को दिन में तीन से चार बार फोड़े फुंसी पर लगाएं। एक सप्ताह तक इस उपाय को करने से फोड़े फुंसी जड़ से गायब हो जाएंगे।
मेथी के पत्ते
मेथी के पत्तों में मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण फोड़ा पैदा करने वाले बैक्टीरिया का नाश कर देते हैं। इसमें एंटीइंफ्लेमेट्री गुण भी होते हैं, जो फोड़ों के कारण होने वाली सूजन और दर्द से राहत दिलाते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल-
मेथी के पत्तों को पानी के साथ पीसकर एक पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को फोड़े या फुंसी वाली जगह पर लगाएं। अब एक साफ कपड़े को गर्म पानी में डुबोएं और निचोड़कर इससे त्वचा साफ कर लें। दिन में दो से तीन बार मेथी का प्रयोग प्रभावित क्षेत्र में करने से बहुत फायदा मिलेगा।
अनार का छिलका
अनार स्वास्थ्य के लिए जितना फायदेमंद है, त्वचा की समस्याओं से राहत दिलाने में भी उतना ही उपयोगी है। अनार के छिलकों को एंटीइंफेक्टिव और एंटीइंफ्लेमेट्री गुणों के कारण जाना जाता है, जो त्वचा पर दिखने वाले फोड़े-फुंसी को दूर कर दमकती त्वचा प्रदान करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल-
शरीर पर दिखने वाले फोड़े या फुंसी बहुत भद्दे दिखते हैं। लेकिन अनार के इस्तेमाल से आप इनसे आसानी से बच सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अनार के छिलकों को धूप में सुखा लें और फिर मिक्सर में पीसकर इसका पाउडर बना लें। अब थोड़ा सा पाउडर लेकर इसमें एक चम्मच नींबू का रस मिलाएं और इस पेस्ट को फोड़े पर लगा लें। कुछ देर के लिए इसे सूखने दें और फिर पानी से धो लें। दिन में दो बार इस पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से फोड़े फुंसी दिखना बंद हो जाएंगे।
कच्ची प्याज
प्याज में मौजूद रसायनों में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो प्रभावित क्षेत्र में रक्त परिसंचरण में सुधार करके फोड़े को ठीक करते हैं। यह सूजन को कम करने में भी मददगार है।
इस्तेमाल करने का तरीका-
कच्च प्याज को फोड़े फुंसी पर लगाने से बहुत फायदा मिलता है। सबसे पहले कच्ची प्याज के स्लाइस फोड़े फुंसी पर लगाएं और इसके ऊपर कपड़ा ढंक लें। हर तीन घंटे में स्लाइस को बदलते रहें। हर रोज इस उपाय को अपनाकर आप फोड़े फुंसी की समस्या से निजात पा सकते हैं।


अन्य उपाय -

फोड़े फुंसी से जल्द छुटकारा पाने के लिए कच्चे आलू का रस प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
गाजर को बारीक पीसकर तवे पर थोड़ा सा तेल डालकर गर्म कर लें और इस पेस्ट को फोड़े फुंसी वाले प्रभावित हिस्से पर बांध लें।
फोड़े फुंसी से परेशान हैं, तो इमली का रस पीना शुरू कर दें। 30 ग्राम इमली का गूदा पानी में भिगो दें। जब गूदा फूल जाए,तो पानी छानकर इसका शरबत बनाकर पीने से फोड़े फुंसी जल्दी ठीक हो जाएंगे।
अन्नानस का रस कॉटन बॉल से फोड़े फुंसी वाले प्रभावित क्षेत्र पर लगाने से जल्द आराम मिलेगा।
करेले का रस भी फोड़े फुंसियों में बेहद फायदेमंद है। रोजाना इसे पीने से फोड़े फुंसियों की समस्या जड़ से खत्म हो जाएगी।
फोड़े फुसियों वाली जगह पर नींबू के रस में पिसी हुई अजवायन का लेप लगाएं, बहुत लाभ मिलेगा।
तुलसी के हरे पत्तों को बारीक पीसकर लगाने से फोड़ा हो या फुंसी बैठ जाती है।
फोड़े फुंसी पर दूब को पीसकर लगाने से भी बहुत आराम मिलता है।
नारियल के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर फोड़े- फुंसियों पर लगाने से बहुत फायदा मिलता है।
त्वचा पर दिखने वाले फोड़े-फुंसियों से बचने के लिए मेहंदी अच्छा घरेलू इलाज है। थोड़े से पानी में मेहंदी के पत्ते डालकर उबालें। अब इस पानी को छानकर कॉटन बॉल से हल्के हाथ से फोड़े फुंसियों पर लगाएं। दो दिन में ही आपको इसका असर देखने को मिलेगा।
सरसों के तेल में जरा सा तारपीन का तेल मिलाकर फोड़े पर लगाएं। बहुत आराम मिलेगा।
फोड़े फुंसियों को दबाने के लिए हॉट वॉटर बैग का इस्तेमाल करें। रोजाना तीन से चार बार एक समय में लगभग 20 मिनट तक इसका सेक करें। बहुत लाभ मिलेगा।
चर्मरोगों से बचाव भी है जरूरी
फोड़े-फुंसी जैसे चर्म रोग न हों इसके लिए जरूरी है कि आप अपने आसपास सफाई रखें। हमेशा साफ सुथरे कपड़े पहनें। किसी तरह के संक्रमण होने पर तुरंत चिकित्‍क की सलाह लें। कुछ चर्मरोग छूने से भी फैलते हैं। ऐसे में यदि आपके घर में या किसी दोस्‍त को किसी प्रकार की समस्‍या है तो उसके कपड़े का इस्‍तेमाल न करें, चुंबन या त्‍वचा के स्‍पर्श से बचें।



औषधीय गुणों से भरपूर केले के छिलके// Banana peels rich in medicinal properties



अक्सर लोग केला खाकर उसका छिलका फेंक देते हैं। लेकिन जब उन्हें पता चलेगा कि केले की तरह केले का छिलका भी कई गुणों से भरपूर है, तो शायद वे ऐसा न करें। जी हां, जिस तरह केला हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है, वहीं केले के छिलके के भी कई चमत्कारिक लाभ हैं। केले के छिलके में पोषक तत्वों और कार्ब अच्छी मात्रा में होते हैं। इतना ही नहीं इसमें विटामिन ए, बी-6, विटामिन बी-12, मैग्रीशियम, पोटेशियम, मैग्नीज होता है, जो मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें फाइबर भी अच्छी मात्रा में होता है, जो शरीर के कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर वजन कम करने में सहायक है।
इतना ही नहीं केले के छिलके में एंटी फंगल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। यह आपकी त्वचा, बालों, दातों के लिए बेहद अच्छे हैं। इसके अलावा केले के छिलके के कई उपयोग हैं। तो चलिए आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताते हैं कि केले का छिलका किस तरह से आपके लिए फायदेमंद है और इसका उपयोग किस-किस तरह से किया जा सकता है।
केले का छिलका केवल आपकी त्वचा और बालों के लिए ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसके सेवन से कई बीमारियों को जड़ से खत्म किया जा सकता है। तो चलिए नीचे हमारे द्वारा केले के छिलके के कुछ प्रमुख स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं, जिन्हें पढऩे के बाद आप यकीनन केले के छिलकों को कभी फेकने के बारे में सोचेंगे भी नहीं।
कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करे
केले के छिलके में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करता है। कई रिसर्च में भी ये साबित हुआ है कि फाइबर लिपोप्रोटीन के लेवल को, एलडीएल और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है। इसलिए अगर आप भी अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल मेनटेन रखना चाहते हैं तो केले के छिलके का सेवन शुरू कर दें।
कब्ज और डायबिटीज का इलाज केले का छिलका
अगर आपको कब्ज की समसया रहती है तो आप केले के छिलके का सेवन कर सकते हैं। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर कब्ज से राहत दिलाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा ये आपका वेट भी कंट्रोल में रखता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार केले के छिलके में मौजूद फाइबर हार्ट अटैक के जोखिम को कम करता है और डायबिटीज की शुरूआत को भी कम करने में बहुत मददगार है।
केले के छिलके की सब्जी के फायदे-
केले का छिलका आपके मूड को बूस्ट करने में बहुत मदद करता है। दरअसल, केले के छिलके में ट्रिप्टोफैन नामक एक विशेष पदार्थ होता है। ट्रिप्टोफैन एक आवश्यक अमीनो एसिड है जो सैराटोनिन एक ब्रेन हार्मोन के उत्पादन के लिए बहुत जरूरी है, जो मूड बूस्टर के रूप में काम करता है।
डिप्रेशन दूर करे -
केले के छिलके में सक्रिय एंटीकार्सिनोजेनिक पदार्थ होते हैं, जो कैंसर से बचने में सहायता करते हैं। इसके अलावा, छिलके में क्रायोप्रोटेक्टिव एजेंट और एंटीमुटाजेनिक एजेंट भी होते हैं जो कैंसर होने के जोखिम को कम करता है। साथ ही, केले के छिलके में कैरोटिनॉइड और पॉलीफेनॉल्स भी भरपूर होते हैं, ठीक उसी तरह जैसे ग्रीन टी में पाए जाते हैं, जो आपकी स्वस्थ और कार्यात्मक प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करते हैं।
आंखों का इलाज
केले के छिलके में पाया जाने वाला एक और एंटी ऑक्सीडेंट ल्यूटिन है जो ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने के साथ विभिन्न अंगों में फ्री रेडिकल्स से होने वाले डैमेज को बेअसर करने के लिए जाना जाता है। ल्यूटिन आंखों को पोषण देता है। ये न केवल मैक्यूलर डीजनरेशन बल्कि मोतियाबिंद के जोखिमों को कम करता है। इतना ही नहीं ये हमारी आंखों को हानिकारक यूवी रेज से भी बचाता है। शरीर को हर दिन 6 मिग्रा से 10 मिग्रा ल्यूटिन की आवश्यकता होती है जो आपको हरी सब्जियां, पालक और फलों से प्राप्त होगा।
*शोध के अनुसार, केले के छिलके को आरबीसी या लाल रक्त कोशिकाओं को टूटने से बचाने के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, हरे केले के छिलके शरीर को फ्री-रेडिकल से बचाने में और भी मददगार साबित होते हैं।
त्वचा के लिए उपयोग
आपके चेहरे पर झुर्रियां तब होती हैं, जब त्वचा लोच खो देती है। उम्र बढ़ने के कारण यह स्वभाविक है, लेकिन कभी-कभी जीवशैली की आदतों के चलते समय से पहले चेहरे पर झुर्रियां आ जाती हैं। केले का छिलका आपकी त्वचा को प्राकृतिक रूप से मॉइस्चराइज करता है और एक बेहतर एंटी एजिंग के रूप में काम करता है।
कैसे इस्तेमाल करें- 
झुर्रियों को कम करने के लिए सबसे पहले केले का छिलका लें और उसे ब्लेंडर में मैश करें। अब इसमें अंडे की जर्दी मिलाएं और अपने चेहरे पर लगाएं और 5 मिनट के बाद धो लें। आप सप्ताह में दो बार इस दिनचर्या का पालन कर सकते हैं और चिकनी, मजबूत त्वचा का आनंद ले सकते हैं। केले का छिलका आपकी आंखों के नीचे की झुर्रियों के लिए उपयोग करने के लिए सुरक्षित है।
खुजली दूर करने के लिए
अगर आपको शरीर में खुजली हो रही है तो केले के छिलके की मदद लें। केले के छिलके में मॉइस्चराइजिंग गुण होते हैं, जो खुजली को कम करते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल- 
केले के छिलके के भीतर के भाग को खुजली वाली जगह पर रगड़ें। प्रभावित हिस्से पर रगड़ने से खुजली प्राकृतिक रूप से ठीक हो जाएगी। हालांकि ऐसा करते समय आपकी त्वचा लाल हो सकती है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, रोजाना केले के छिलके को प्रभावित क्षेत्र पर रगड़ने से आपको बहुत बड़ा अंतर दिखाई देगा।
मुँहासे के लिए
जैसा कि अब आप जानते हैं, केले के छिलके में एंटी-फंगल, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। यह भद्दे मुँहासे को दूर करने और आपकी त्वचा को दमकाने के लिए काफी है।
कैसे इस्तेमाल करें- मुंहासों से निजात पाने के लिए सबसे पहले एक ताजा केले का छिलका लें। एक परिपत्र गति में, छिलके के अंदर के भाग को मुंहासे वाले हिस्से पर रगड़ें। तब तक जारी रखें जब तक कि छिलका अंदर से भूरा न हो जाए। सभी पोषक तत्वों को सीधे अवशोषित करने के लिए इसे 30 मिनट तक लगा छोड़ दें। अब सादे पानी से धो लें। मुंहासों से निजात पाने के लिए हर रोज इस प्रक्रिया को कर सकते हैं।
मांसपेशियों में ऐंठन
आमतौर पर मांसपेशियों में ऐंठन को रोकने के लिए, केला बहुत फायदेमंद है। ऐसा इसलिए है क्योंकि केले के भीतर पोटेशियम या इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों के निर्माण, कार्बोहाइड्रेट के चयापचय और पूरे शरीर के माध्यम से एसिड-बेस बैलेंस के नियमन में सक्रिय भूमिका निभाता है। केले के छिलके भी पोटेशियम से भरे होते हैं और इसी तरह से काम कर सकते हैं।
मस्सों के लिए
शरीर के किसी भी अंग पर कभी भी मस्से उग जाते हैं, जिसे दूर करने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपनाते हैं। लेकिन एक बार मस्सों को झाडऩे के लिए केले का छिलका इस्तेमाल करके जरूर देखें।
कैसे करें इस्तेमाल- मस्सों से छुटकारा पाने के लिए केले के छिलके का इस्तेमाल बहुत अच्छा उपाय है। इसके लिए ताजा केले के छिलके को पीस लें और इसमें अंडे की जर्दी मिला लें। अच्छे से मिलाने के बाद आपको एक स्मूथ पेस्ट मिल जाएगा, जिसे आप अपने मस्सों वाली जगह पर लगा लें। रोज ऐसा करने से आपके मस्से झड़ जाएंगे, बढ़ना भी बंद हो जाएंगे, कुछ दिन बाद आप देखेंगे कि ये पूरी तरह से गायब हो जाएंगे। केले का छिलका नए मस्सों को बढ़ने से भी रोकता है।
त्वचा को गोरा करने के लिए केले का छिलका
केले के छिलके में ऐसे गुण होते हैं जो त्वचा को हल्का करते हैं, त्वचा के कोलेजन और इलास्टिन स्तर को बेहतर बनाते हैं। इतना ही नहीं बल्कि केले के छिलके विटामिन सी मृत कोशिकाओं को साफ करने और हटाने में भी मदद करते हैं ।
कैसे इस्तेमाल करें-
 स्किन व्हाटनिंग के लिए सबसे पहले केले का छिलका लें और उसे ब्लेंडर में मैश करें। इसमें 1 चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर मिलाएं, दही डालें और सामग्री को एक चिकनी पेस्ट में मिलाएं। इसे चेहरे पर लगाने से पहले गर्म पानी से अपना चेहरा धो लें। अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और 30 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। धीरे से एक परिपत्र गति में स्क्रब करें और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। सप्ताह में एक बार इस मास्क का उपयोग करने से टैन दूर होगा और आपकी त्वचा चमकदार और निखरी होगी।
डार्क स्पॉट्स के लिए
त्वचा पर काले धब्बे आमतौर पर निर्जलीकरण के कारण होते हैं जो स्किन टोन में असंतुलन पैदा करते हैं। इससे ब्लैकहेड्स भी निकलते हैं और कठोर रसायनों का उपयोग करने से स्थिति और खराब हो जाती है। केले के छिलके में विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी 6 जैसे प्रचुर मात्रा में त्वचा के अनुकूल विटामिन होते हैं जो त्वचा की टोन में एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें- चेहरे से डॉर्क स्पॉट्स हटाने के लिए सबसे पहले अपने चेहरे को गर्म पानी से धोएं। अब एक ताजा केले का छिलका लें और उसे छोटे टुकड़ों में काट लें। अब केले के छिलके के अंदर के भाग को डॉर्क स्पॉट वाले हिस्से पर रखें। थोड़ा सा छिलका दबाएं और नमी महसूस करें। इसे तब तक रखें जब तक छिलका भूरा न हो जाए और फिर इसे हटा दें। 15 मिनट बाद अपने चेहरे को सादे या गर्म पानी से धो लें। चेहरे से डॉर्क स्पॉट्स हटाने के लिए सप्ताह में सिर्फ एक बार इस प्रक्रिया का पालन करने से काले धब्बे और ब्लैकहेड्स से छुटकारा मिल जाएगा।
दांत के लिए
अक्सर लोग सोचते हैं कि उनके दांत सफेद कैसे हों, चमकदार कैसे बनें। ऐसे में केले का छिलका पीले दातों के लिए बहुत लाभकारी होता है। केले में मैग्नीशियम, पोटेशियम और मैग्नीज अच्छी मात्रा में होता है, जिससे दांतों का पीलापन दूर हो जाता है। केले के छिलके में मौजूद मिनरल्स और विटामिन आपके दांतों और मसूड़ों के लिए अच्छे होते हैं। हालांकि केले में शर्करा की मात्रा अधिक होती है, लेकिन यह आपके दांतों में नहीं रहता है और कैविटी का कारण नहीं बनता है। मैग्नीशियम और पोटेशियम प्राकृतिक रूप से दांतों को सफेद करते हैं।
कैसे इस्तेमाल करें- दांतों का पीलापन हटाने के लिए एक ताजा केले का छिलका लें। केला जितना अच्छा हो, उतना अच्छा। एक छोटा सा टुकड़ा काटें और छिलके के अंदरूनी हिस्से को अपने दांतों पर रगड़ें। सुनिश्चित करें कि आप अपने सभी दांतों को कवर कर लें और 10 मिनट के लिए इसे दांतों पर लगा रहने दें। जितना हो सके अपना मुंह खुला रखें। 10 मिनट के बाद, एक सूखे ब्रश का उपयोग करें और धीरे से अपने दांतों को लगभग 2 मिनट के लिए एक परिपत्र गति (circular motion) में ब्रश करें। फिर, ब्रश को गीला करें और मुंह में लगे पेस्ट को साफ करें। कम से कम दो हफ्तों तक रोजाना इस प्रक्रिया को करने से दांतों का पीलापन हट जाएगा और आपके दांत मोती की तरह सफेद हो जाएंगे।
बालों के लिए
केले के छिलके त्वचा और दांतों के अलावा आपके बालों के लिए बहुत अच्छे हैं। केले के छिलके का उपयोग रूसी से छुटकारा दिलाता है और बालों के विकास में सुधार करता है। ये एक ऐसा उपाय है जिसे हर कोई कभी भी कर सकता है।
कैसे इस्तेमाल करें- 
अपने रूखे और बेजान बालों पर केले के छिलके का उपयोग करने के लिए पहले एक ताजा और पके केले का छिलका लें। इसे ब्लेंडर में मैश करें। अब इस पेस्ट को अपने बालों की जड़ों में लगाएं और 30 मिनट तक रखें। अपने बालों को थोड़ा गीला करें और एक परिपत्र गति में लगभग 5-10 मिनट के लिए मालिश करें। इसके बाद बालों को रैगुलर शैंपू से धो लें। इस प्रक्रिया को सप्ताह में एक बार दोहराएं। ऐसा करने से आपके बालों में डैंड्रफ खत्म हो जाएगा और आपको मजबूत और चमकदार बाल मिलेंगे।
वैसे तो आपने अब तक केले के कई फायदों के बारे में सुना होगा, लेकिन हम आपको बता दें कि केले की ही तरह केले का छिलका भी उतना ही फायदेमंद होता है। नीचे हम आपको केले के छिलकों के कई उपयोग के बारे में बता रहे हैं।
जलन कम करे केले के छिलके-
 किसी कीड़े के काटने पर उस जगह पर जलन हो तो उस जगह पर केले के छिलके को रगड़ लें। रगड़ने से जलन चुटकियों में दूर हो जाती है।
पॉलिश के काम आए केले का छिलका- 
अगर कभी आपके पास जूते साफ करने के लिए पॉलिश न हो, तो चिंता न करे। घर में रखे केले का छिलका निकालकर जूतों की बढिया सी पॉलिश कर लें। जी हां, आपको आश्चर्य हो रहा होगा, लेकिन केले के छिलकों का जूते की पॉलिश के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।
सिर का दर्द दूर करे केले का छिलका- आपको कभी सिर दर्द हो तो दवा लेने के बजाय केले के छिलके का इस्तेमाल करें। जी हां, केले के छिलका सिर दर्द को दूर करने में बेहद असरदार साबित होता है। अक्सर सिर का दर्द खून की धमनियों के उत्पन्न होने वाले तनाव के कारण होता है। इसके लिए केले के छिलके को पीसकर उसका पेस्ट बनाएं। 15 मिनट तक इस पेस्ट को सिर पर लगाने से इसमें मौजूद मैग्नीशियम रक्त की धमनियों में जाकर सिर के दर्द को रोकने में सहायक होती हैं।
त्वचा के लिए अच्छे हैं केले के छिलके-
 कई बार आपने देखा होगा कि बर्तन या कपड़े साफ करने के दौरान उंगलियों के आसपास की त्वचा निकल जाती है। ऐसी स्थिति में केले का छिलका आपकी कटी त्वचा को सही करने में मदद करता है। केले के छिलके को उस स्थान पर थोड़ी देर के लिए लगा छोड़ दें। त्वचा बहुत जल्दी भर जाएगी।
केले का छिलका दिलाए रैशेज से छुटकारा- 
कई बार टाइट कपड़े पहनने से त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं। इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए केले के छिलकों को उन रैशेज पर घिसें। इन्हें घिसने से रैशेज की समस्या बहुत जल्दी दूर हो जाएगी।
फर्नीचर चमकाए केले का छिलका – केले का छिलका केवल आपके जूतों को ही नहीं बल्कि आपके लकड़ी के फर्नीचर और चांदी की वस्तुओं को भी पॉलिश करने में काम आता है। लेदर फर्नीचर को साफ करने के लिए पके केले के छिलके के अंदर के भाग को सीधे लेदर पर रगड़ें और फिर किसी भी सूती कपड़े से साफ करें। चांदी की वस्तुओं को साफ करने के लिए भी केले के छिलके को थोड़े गर्म पानी में मिला लें। अब इस पेस्ट को किसी भी चांदी के आइटम पर रगड़ें और एक सूती कपड़े से पोंछ लें। चीजें एकदम नई जैसी हो जाएगी।
अन्य उपयोग-
केले के छिलके की खाद को बगीचे में करें इस्तेमाल- सस्ते, प्राकृतिक और प्रभावी तरीके से अपने बगीचे की मिट्टी या खाद को प्रभावशाली बनाने के लिए केले के छिलकों में मौजूद उच्च पोषण सामग्री का लाभ उठाया जा सकता है। केले का छिलका न केवल तेजी से डिकंपोज होता है बल्कि इसमें पोटेशियम और फॉस्फेट जैसे महत्वपूर्ण खनिज होते हैं जो स्वस्थ पौधों और फूलों की वृद्धि में मदद करते हैं। केले के छिलकों का प्रयोग खासतौर से गुलाब के पौधों की देखभाल के लिए किया जाता है।

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