21/11/09

30 दिन मे मधुमेह जड़ से कैसे खत्म करें ?. how to fight against diabeties?


 

                                                                                                 

मधुमेह रोग में खून में शर्करा स्तर बढ जाता है| भारत में शुगर रोगियों की संख्या में बडी तेजी से वृद्धि देखने में आ रही है।इस रोग का कारण प्रमुख रूप से इन्सूलिन हार्मोन की की गड्बडी को माना जाता है।तनाव और अनियंत्रित जीवन शैली से इस रोग को बढावा मिलता है।
डायबिटीज के कारण

1. व्यायाम का अभाव
2. मानसिक तनाव
3. अत्यधिक नींद
4. मोटापा
5. चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट के अत्यधिक सेवन
6. वंशानुगत कारकों
लक्षण-
मधुमेह होने के कई लक्षण रोगी को स्वयं अनुभव होते हैं।
1. बार-बार रात के समय पेशाब आते रहना।
2. आंखों से धुंधला दिखना।














3. थकान और कमजोरी महसूस करना।
4. पैरों का सुन्न होना।
5. प्यास अधिक लगना।
6. घाव भरने में समय लगना।
7. हमेशा भूख महसूस करना।
8. वजन कम होना।
9. त्वचा में संRमण होना।
10. मूत्र बार-बार एवं अधिक मात्रा में होना तथा मूत्र त्यागने के स्थान पर मूत्र की




9)  सोयाबीन,जौ और चने के मिश्रित आटे की रोटी खावें,इससे शुगर का स्तर कम करने में काफ़ी मदद मिलती है।

10)  मांस और वसायुक्त भोजन हानिकारक है।
11)  प्रतिदिन २४ घन्टे में ३-४ लिटर पानी पीने की आदत डालें।
12) हरी सब्जीयां,फ़ल और रेशे वाली चीजें भोजन में प्रचुर मात्रा में लें। शकर, मीठे फ़ल से परहेज करें।
१३)  गरम पानी भरे बर्तन में १०-१५ आम के पत्ते डाल कर   रात भर  रखें  सुबह छानकर  पियें\  मधुमेह का कारगर नुस्खा है|
१४) अपनी आयु के हिसाब से २ से ४ किलोमिटर नित्य घूमना जरूरी है।
१५) एक और कारगर नुस्खा लिख देता हूँ-
लहसुन छीली हुई २५ ग्राम
पुदीना  हरा ताजा ५० ग्राम
अदरक ५० ग्राम
अनारदाना ५० ग्राम

उपरोक्त चारों चीजों को पीसकर चटनी बनालें|  दिन मे तीन बार  एक एक चम्मच चटनी खाएं|  पुरानी से पुरानी शुगर  का कारगर ईलाज है|

यदि आप मधुमेहर रोगी हैं तो, जाहिर सी बात है कि आपके दिमाग में यह एक सवाल जरुर आया होगा कि क्‍या हम फल का सेवन कर सकते हैं? एक्‍सपर्ट बोलते हैं कि मधुमेह रोगी भी फल का सेवन कर सकते हैं लेकिन सही मात्रा में। ऐसे फल जैसे, केला, लीची, चीकू और कस्‍टर्ड एप्‍पल आदि से बचना चाहिये।
आज हम आपको कुछ ऐसे 18 फल बताने जा रहे हैं, जिसका सेवन आप आराम से कर सकते हैं। दरअसल, मधुमेह के रोगियों को रेशेदार फल, जैसे तरबूज, खरबूजा, पपीता, सेब और स्ट्राबेरी आदि खाने चाहिए। इन फलों से रक्त शर्करा स्तर नियंत्रित होता है इसलिये इन्‍हें खाने से कोई नुकसान नहीं होता।
मधुमेह रोगियों को फलो का रस नहीं पीना चाहिये क्‍योंकि एक तो इसमें चीनी डाली जाती है और दूसारा कि इसमें गूदा हटा दिया जाता है, जिससे शरीर को फाइबर नहीं मिल पाता। तो आइये जानते हैं कि मधुमेहर रोगियों को कौन-कौन से फलों का सेवन करना चाहिये।

काली जामुन

मधुमेह रोगियो के लिये यह फल बहुत ही लाभकारी है। इसके बीजो़ को पीस कर खाने से मधुमेह कंट्रोल होता है।

चैरी

इसमें जीआई मूल्‍य 20 होता है जो कि बहुत कम माना जाता है। यह मधुमेह रोगियों के लिये बहुत ही स्‍वास्‍थ्‍य वर्धक मानी जाती है।

अमरूद

अमरूद में विटामिन ए और विटामिन सी के अलावा फाइबर भी होता है।

अनानास

इसमें एंटी बैक्‍टीरियल तत्‍व होने के साथ ही शरीर की सूजन कम करने की क्षमता होती है। यह शरीर को पूरी तरह से फायदा पहुंचाता है।

पपीता

इसमें विटामिन और अन्‍य तरह के मिनरल होते हैं।

संतरा

यह फल रोज खाने से विटामिन सी की मात्रा बढेगी और मधुमेह सही होगा।g: 10px 0px;">
अंजीर
इसमें मौजूद रेशे मधुमेह रोगियों के शरीर में इंसुलिन के कार्य को बढावा देते हैं।
आड़ू
इस फल में भी जीआई बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और मधुमेह रोगियों के लिये अच्‍छा माना जाता है।

सेब

सेब में एंटीऑक्‍सीडेंट होता है जो कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को कम करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है।

अंगूर

अंगूर का सेवन मधुमेह के एक अहम कारक मेटाबोलिक सिंड्रोम के जोखिम से बचाता है। अंगूर शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है।

नाशपाती

इसमें खूब सारा फाइबर और विटामिन पाया जाता है जो कि मधुमेह रोगियों के लिये फायदेमंद होता है।

अनार

यह फल भी बढे हुए ब्‍लड शुगर लेवल को कम करने में असरदार है।
कटहल
यह फल इंसुलिन लेवल को कम करता है क्‍योंकि इसमें विटामिन ए, सी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, कैल्‍शियम, पौटैशियम, आयरन, मैग्‍नीशियम तथा अन्‍य पौष्टिक तत्‍व होते हैं।
आमला
इस फल में विटामिन सी और फाइबर होता है जो‍ कि मधुमेह रोगी के लिये अच्‍छा माना जाता है।

तरबूज

यदि इसे सही मात्रा में खाया जाए तो यह फल मधुमेह रोगियों के लिये अच्‍छा साबित होगा।
नेशनल हैल्थ की गैर-संक्रामक रोग निवारण योजना की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मेरठ में हर दूसरे मरीज पर शुगर का खतरा है। शुगर की बीमारी ने उच्च रक्तचाप को भी पीछे छोड़ दिया है। प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी रिपोर्ट से यह तथ्य साबित हुआ है। गत वर्ष जुलाई से मार्च 15 तक 4527 मरीजों की जांच एवं काउंसिलिंग से बेहद खतरनाक संकेत सामने आये हैं, 2026 मरीजों यानी 45 फीसदी में शुगर पाई गई। उच्च रक्तचाप से ज्यादा हृदयरोगी मिले हैं, जबकि कैंसर की जांच तक शुरु नहीं हो सकी। तमाम मरीजों में कार्डियोवस्कुलर बीमारी एवं स्ट्रोक का भी खतरा मिला है। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. साधना सिंह के अनुसार महिलाओं में शुगर तेजी से बढ़ रही है ऐसी महिलाओं में प्रसव के दौरान विशेष खतरा होता है। मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर उन्हें शुगर, हृदयरोग एवं स्ट्रोक की ओर ले जा रहे हैं।
मधुमेह को रोकता है मलाई वाला दूध 
लंदन। मलाईरहित दूध को सेहत के लिए बेहतर मानने की धारणा को वैज्ञानिकों ने गलत पाया है। उन्होंने शोध में पाया कि मलाईरहित दूध के मुकाबले मलाईयुक्त दूध स्वास्थ्य के लिए बेहतर हो सकता है। यह डायबिटीज के खतरे को भी काफी कम कर सकता है। अब तक माना जाता रहा है कि मलाईरहित दूध वजन कम रखने और डायबिटीज के खतरे को दूर रखने में सहायक होता है, पर शोधकर्ताओं ने पाया कि पूरी मलाई वाले दूध का सेवन करने वालों का वजन मलाईरहित दूध पीने वालों के मुकाबले सामान्य तौर पर कम रहता है।
उन्होंने यह भी पाया कि मलाईयुक्त दूध पीने वालों में डायबिटीज होने का खतरा भी 46 प्रतिशत कम रहता है। टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि कई दशकों से आहार सम्बंधी दिशा-निर्देशों में कम वसा वाले डेयरी उत्पादों की सलाह दी जाती रही है, जबकि पूर्ण वसा वाले दूध से बचने की सलाह भी दी जाती रही है। ये दिशा-निर्देश हड्डियों के स्वास्थ्य व दिल के रोगों को ध्यान में रखकर दिये जाते रहे हैं। लेकिन न तो कम वसायुक्त और न ही पूर्ण वसा वाले दूध का दिल की पारम्परिक बीमारी के खतरों से जुड़े कारणों पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव देखा गया है।
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