21/4/10

हार्ट अटैक के बाद जीवन शैली और घरेलू उपचार.

                               हार्ट अटैक के बाद की जीवन शैली और घरेलू उपचार



    एक बार हार्ट अटैक झेल चुके हृदय के मरीजों को अत्यन्त सावधानी के साथ अपनी जीवन शैली में ऐसे बदलाव अपनाने चाहिये जिससे दूसरी बार अटैक से बचे रहें। मैं ऐसे रोगियों के लिये परामर्ष के तौर पर कुछ लाभदायक बातें और निर्देश यहां प्रस्तुत कर रहा हूं। अपने चिकित्सक के परामर्श से अमल में लाकर लाभ उठावें।

१) हार्ट अटैक के बाद रोगी २-३ सप्ताह पूर्ण विश्राम करें।

२)  विश्राम अवधि के बाद धीरे-धीरे चलने का अभ्यास  करें। हां ,ज्यादा थकावट मेहसूस नहीं होनी चाहिय। शारीरिक सक्रियता लगातार बढाते जाएं। तकलीफ़ मालुम ना  हो तो तेज चलने का उपक्रम भी करते रहें।

३)  मन में निराशा,चिंता,टेंशन बिल्कुल न आने दें। प्रसन्न रहना हार्ट रोगियों के लिये टानिक का काम करता है। अटैक पडने के एक दो माह बाद तबीयत  ठीक हो  तो सेक्स करने मे भी  कोइ अडचन नही है।

४)  अपने ब्लड प्रेशर की नियमित जांच करवाते रहना चाहिये। खून में कोलेस्ट्रोल के लेविल की जांच भी नियमित अंतराल पर करवाते रहें।

५)  हार्ट  के मरीजों के भोजन में हरी सब्जीयां और फ़लों की अधिकता जरूरी है। अंकुरित किये हुए मैथी बीज सोयाबीन बीज मूंग,अलसी बीज खाने की आदत डालना आवश्यक है।










६)  आंवला विटामिन सी का उत्तम स्रोत है। यह हृदय के लिये अमृत समान फ़ल है।  नित्य १० मिलि. आंवला रस पीना लाभदायक है।

७)  अदरक का हार्ट पर उत्तम प्रभाव देखा गया है।  इससे  कोलेस्टरोल का लेविल घटता है। और अदरक के प्रभाव से खून में  थक्का भी नहीं जमता है।










८)   नींबू  के नियमित सेवन से खून की नलियों मे कोलेस्ट्रोल नहीं जम पाता है। एक नींबू का रस मामूली गरम जल में रोजाना लेते रहें।

९)  आयुर्वेदिक चिकित्सक हृदय रोगियों में अर्जुनारिषट का बहुतायत से प्रयोग करते हैं ।इससे परिसंचरण तन्त्र मजबूत होता है। हार्ट की सुरक्छा के लिये यह औषधि प्रसिद्ध हो चुकी है।





१०)  शहद १५ ग्राम एक नींबू के रस में मिलाकर लेने से हृदय की ताकत में इजाफ़ा होता है।









११)  ताजा अनुसंधान में पता चला है कि लहसुन की ४ कली चाकू से बारीक काटकर १०० ग्राम दूध में उबालकर लेने से  खून  में थक्का नहीं जमता है और कोलेस्ट्रोल का लेविल भी कम हो जाता है।

     हार्ट के मरीज ऊपर बताये गये उपाय अपनाकर अपने हृदय को सुरक्छित रखते हुए दूसरे हार्ट अटैक से  बचे रहेंगे और उनका इम्युन सिस्टम भी शक्तिशाली बन जाएगा।

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