15/9/10

मलेरिया रोग: सरल उपचार How to cure maleria with natural and home remedies?



मलेरिया ज्वर संसार का सर्वाधिक व्यापक रोग है। हजारो लाखों लोग हर वर्ष इस रोग की चपेट में आ जाते हैं। आयुर्वेद में इसे विषम ज्वर कहा जाता है।मलेरिया मुख्यत:तीन प्रकार के परजीवी जीवाणुओं द्वारा उत्पन्न होता है-

(१) वाईवेक्स

(२) फ़ेल्सीपेरम

(३) मेलेरी


जब मादा एनोफ़ीलीज मच्छर किसी मलेरिया रोग ग्रस्त  व्यक्ति को काटता है ,तो रोगी व्यक्ति के शरीर से मलेरिया संक्रमित खून खींच लेता है। इस खून में मलेरिया के  जीवाणु होते हैं।फ़िर जब यही मच्छर स्वस्थ्य व्यक्ति को काटता है तो मलेरिया के जीवाणु उसके शरीर में प्रविष्ट हो जाते हैं। मच्छर के काटने के प्राय:१० दिवस पश्चात मलेरिया ज्वर का आक्रमण हो जाता है|

नये मलेरिया बुखार के दौरान  तेज सिर दर्द,जोर की ठंड के साथ  कंप कंपी होना,मांसपेशियों मे भयंकर पीडा होना और बेहद कमजोरी  के लक्षण प्रकट होते हैं बाद में ज्वर उतरते समय पसीना होता है। ज्वर के दौरे में तापमान १०४ डीग्री से भी ज्यादा हो सकता है। जी घबराना और पित्त की कडवी  उल्टी होना भी मलेरिया का प्रमुख लक्षण है।





मलेरिया सामान्यत: तीन प्रकार का होता है-

प्रतिदिन निश्चित समय पर चढने वाला ज्वर।

एक दिन छोडकर आने वाला ज्वर। इसे एकांतरा भी कहते हैं।

दो दिन विराम देकर आने वाला मलेरिया ज्वर।

    जहां तक ईलाज का प्रश्न है माडर्न चिकित्सा में कुनेन से बनी दवाएं धडल्ले से व्यवहार में लाई जा रही हैं।लेकिन मलेरिया के जीवाणु अब इन दवाओं के प्रति सहनशीलता प्रकट करने लगे हैं।

       घरेलू पदार्थों से  मलेरिया की चिकित्सा निरापद याने हानि रहित होती है। मलेरिया नाशक  सरल उपचार  यहां  दे रहा हूं--
(१) तीन ग्राम चूना लें।इसे ६० मिलि पानी में घोलें। एक नींबू इसमें निचोडें।  मलेरिया ज्वर की संभावना होने पर यह मिश्रण पीयें। यह नुस्खा प्रतिदिन लेना उत्तम है।

(२)  चिरायता मलेरिया ज्वर की प्रसिद्ध औषधि मानी गई है। इसके उपयोग से रोगी का तापमन नीचे आ जाता है। एक पाव गरम पानी में १५ ग्राम चिरायता मिलाएं,कुछ लौंग और दालचिनी भी मिला दें। २० मिलि मात्रा में दिन में ३ बार देने से मलेरिया ज्वर में उपकार होता है।




(३)  गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से ज्वर की तीव्रता घट जाती है।
(४) थोडी सी फ़िटकरी तवे पर भूनकर चूर्ण बनालें। आधा चम्मच पावडर बुखार आने के ३ घंटे पहिले पानी से पीयें। बाद में हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से ज्वर नष्ट हो जाता है।
(५)  जब बुखार न हो ,१० ग्राम तुलसी के पत्तों के रस में आधा चम्मच काली मिर्च का पावडर मिलाकर चाट लें। बहुत फ़ायदेमंद उपाय है।
६) एक गिलास पानी लें। इसमें एक चम्मच दालचीनी,एक चम्मच शहद और  आधा चम्मच काली मिर्च का पावडर मिलाकर आंच पर ऊबालें। ठंडा होने पर पीयें। आशातीत लाभकारी नुस्खा है।

(७)  धतूरा की नई कोंपल २ नग लेकर गुड के साथ अच्छी तरह मिश्रित करलें। फ़िर इसकी गोली बनालें। ऐसी गोली दिन में २ बार लेने से मलेरिया  का निवारण हो जाता है।

8) मलेरिया के उपचार विडियो -



९) मलेरिया के उपचार का विडियो

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