शनिवार, 3 नवंबर 2012

नींबू के रस से करें रोग निवारण Lemon juice to cure diseases


         

     नींबू पानी के फायदों को देखते हुए यह अब पश्चिमी  देशों के साथ ही  हमारे देश में भी काफी लोकप्रिय हो गया है | अब यह ऐसी  डाईट थेरपी बन चुकी है जो  बेहद सस्ती,सुरक्षित और अपनाने में आसान है| यह डाईट उन लोगों के लिए उपादेय है जो बढे वजन से परेशान हैं और नियमित कसरत  नहीं कर सकते हैं|

   सुबह और रात  सोते वक्त पियें नीबू पानी- 

\    सुबह उठते ही एक गिलास मामूली गरम पानी में  नींबू का रस मिलाकर पियें|  इस उपचार के गुण और स्वाद बढाने के लिए  दो चम्मच   शहद भी मिलाया जा सकता है|  इस डाईट प्लान को अपनाते हुए दिन भर भरपूर पानी पीना होता है| आप जितना ज्यादा पानी पीते हैं  शरीर के विकार उतनी ही शीघ्रता से   दूर होते जाते हैं|नींबू का रस शरीर में जमें कचरे  को बाहर निकालता है|  गलत खान पान और दिनचर्या के कारण यह कचरा शरीर  में जमा होता रहता है|

        नींबू के रस  और शहद के मिश्रण से मानव शरीर  के अनेकों रोगों का समाधान हो जाता है। नींबू में प्रचुर साईट्रिक एसीड पाया जाता है। यह साईट्रिक एसीड शरीर की चयापचय क्रिया (मेटाबोलिज्म) को बढाकर भोजन को पचाने में मदद करता है। मेटाबोलिज्म को सुधारकर  यह शरीर  की अनावश्यक चर्बी  घटाता है और इस प्रकार मोटापा कम करता है। नींबू रस में शहद  मिलाकर लेना  बेहद उपकारी उपचार है। शहद में एन्टीआक्सीडेंट तत्व होते हैं जो हमारे इम्युन पावर  को ताकतवर बनाते है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है।


    पश्चिम के चिकित्सा वैग्यानिकों  का मत है  कि  थौडी मात्रा  में नींबू  का रस नियमित लेते रहने से मूत्र पथ में पथरी का निर्माण नहीं होता है। यह पथरी से  बचाव का सरल तरीका है। दर असल नींबू का रस  हमारे खून में केल्सियम की मात्रा बढने से रोकता है। खून में अनावश्यक  केल्सियम  बढने से ही केल्सियम आक्सीलेट  प्रकार की  पथरी बनती  है। गुर्दे खून में मिले हुए केल्सियम को बाहर निकालने में दिक्कत मेहसूस करते हैं।फ़िर यही केल्सियम  गुर्दे में जमते रहने से पथरी बन जाती है। शहद  में इन्फ़ेक्शन (संक्रमण) रोकने  के गुण होते हैं। शहद में केंसर से लडने  की प्रवृत्ति  होती है। शहद सेवन से बडी आंत का केंसर  नहीं होता है।


     चाय बनाने में नींबू रस और शहद  का उपयोग करने से गले की खराश दूर होती है और सर्दी-जुकाम से रक्षा होती है।

     आमाषय के विकार:-  एक गिलास गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से आमाषय के कई विकार  जैसे- जी मिचलाना,छाती में जलन होना,पेट में उपस्थित  रोगाणु नष्ट होते हैं। पाचन प्रणाली पर अनुकूल प्रभाव पडता है। जिन लोगों में अधिक गैस बनने की प्रवृत्ति हो उनके लिये गरम पानी में नींबू का रस  मिलाकर पीना रामबाण उपचार है। नींबू पानी के नियमित उपयोग से शरीर में एकत्र विजातीय याने जहरीले पदार्थ  बाहर निकलेंगे। खून की सफ़ाई करता है। मेरे खयाल से नींबू कब्ज मिटाने का काम भी करता है। हिचकी की बीमारी में भी नींबू रस अच्छा प्रभाव दिखाता है।  नींबू का रस लिवर के लिये भी हितकारी है। यह लिवर के टानिक के रूप में काम करता है। इसके प्रयोग से अधिक पित्त निर्माण होकर पाचन क्रिया सुधरती है। नींबू शरीर की श्लेष्मा  को नियंत्रित करता है। प्रयोगों में सिद्ध हुआ है कि नींबू का रस पित्ताषय की पथरी  को नष्ट करता है।


   नींबू मे कुदरती एंटीसेप्टिक तत्व होते हैं । अनेक प्रकार की चर्म विकृतियों से निजात पाने के लिये नींबू का प्रयोग  हितकारी है। इसमें प्रचुर विटामिन सी होता है जिससे त्वचा कांतिमान बनती हैं। खूबसूरती बढती है। नींबू शरीर के बूढा होने की प्रक्रिया को सुस्त करता है ,चमडी की झुर्रियां मिटाता है। त्वचा के काले धब्बे समाप्त ह्ते हैं। जले हुए स्थान पर नींबू पानी लगाने  से जलन का निवारण होता है।

       नींबू का  ताजा रस दर्द वाले दांत-दाढ  पर भली प्रकार लगाने से पीडा शांत होती है। अगर मसूढों से खून बहता हो तो मसूढों पर नींबू रस  की  मालिश करने से खून बहना बंद होता है। मुंह की बद्बू का निवारण होता है। पायरिया में हितकारी है।





     कई चिकित्सा शौधों  में यह सिद्ध हुआ है कि गरम पानी में नींबू रस मिलाकर पीने से मोटापा घटता है। इसमें थौडा शहद भी मिला सकते हैं।
    नींबू में प्रचुर पोटाशियम होता है। इसीलिये नींबू उच्च रक्तचाप में अति उपयोगी है। जी निचलाने और चक्कर आने में भी  उपयोगी है। शरीर और दिमाग  के लिये शांतिकारक है।
 
 नींबू का श्वसन तंत्र पर हितकारी प्रभाव होता है। दमा के मरीज लाभान्वित होते हैं\
    नींबू गठिया और संधिवात में लाभदायक है। दर असल नींबू मूत्रल प्रभाव रखता है। अधिक पेशाब के साथ शरीर का  यूरिक एसीड  बाहर निकलेगा । यूरिक एसीड गठिया और संधिवात का प्रमुख कारक माना गया है।

  गरम पानी में नींबू पीने से सर्दी -जुकाम का निवारण होता है। पसीना होकर बुखार भी उतर जाता है।
ब्लड  शूगर पर नियंत्रण-नींबू पानी से हमारे शरीर का ब्लड  शूगर  ३० प्रतिशत तक कम किया जा सकता है| अपने आहार में शकर का उपयोग कम ही करें|

नींबू के रस से रोगोपचार-







 
 

 

   

   


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