14/6/16

एसीडीटी (अम्लपित्त) के सरल उपचार Acidity home remedies






आहार नली के ऊपरी हिस्से में अत्यधिक अम्लीय द्रव संचरित होने से खट्टापन और जलन का अनुभव होना एसिडिटी कहलाता है। मुहं में भी जलन और अम्लीयता आ जाती है।
आमाषयिक रस में अधिक हायड्रोक्लोरिक एसिड होने से यह स्थिति निर्मित होती है। आमाषयिक व्रण इस रोग में सहायक की भूमिका का निर्वाह करते हैं।
आमाषय सामान्यत: भोजन पचाने हेतु जठर रस का निर्माण करता है। लेकिन जब आमाषयिक ग्रंथि से अधिक मात्रा में जठर रस बनने लगता है तब हायडोक्लोरिक एसिड की अधिकता से एसिडिटी की समस्या पैदा हो जाती है। बदहजमी .सीने में जलन और आमाषय में छाले इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं।


एसिडिटी निवारण के उपाय------विडियो लिंक 



*हर रोज़ हल्‍का गरम पानी पीना चाहिये।
*अपनी डाइट में केला, तरबूज और खीरा शामिल करें।
*रोजाना एक ग्‍लास दूध पीजिये।
*सोने से पहले ये नियम बना लीजिये कि भोजन दो-तीन घंटे पहले ही कर लें।
*एसिडिटी तब भी होती है जब आप भोजन के बीच में अधिक देर का गैप हो जाता है।
* इसलिये थोड़ी-थोड़ी देर पर कुछ ना कुछ खाते रहें।



*मसालेदार भोजन, चटनी, अचार और सिरका खाने से बचें।
*भोजन करने के बाद पानी में पुदीना उबालें और पिएं।
*गुड, नींबू, केला, बादाम और दही को खाने से भी एसिडिटी में राहत मिलती है।
*ज्‍यादा स्‍मोकिंग करना और ज्‍यादा शराब पीने से भी एसिडिटी हो जाती है।
*च्‍विंगम खाइये। इसको खाने से मुंह में थुक बनेगा जिससे खाना आसानी से पच जाएगा।
*नींबू, चीनी और पानी का घोल लंच करने से पहले पीजिये, इससे आपको परेशानी नहीं उठानी पडे़गी।
*सहजन, बीन्‍स, कद्दू, पत्‍ता गोभी, प्‍याज और गाजर जैसी सब्‍जियों को अपने आहार में शामिल करें।
*पाइनेपल के जूस का सेवन करें, यह एन्जाइम्स से भरा होता है। खाने के बाद अगर पेट अधिक
भरा व भारी महसूस हो रहा है, तो आधा गिलास ताजे पाइनेपल का जूस पीएं।
एसिडिटी के प्रमुख कारण निम्न हैं-
अधिक शराब का सेवन करना।
अधिक मिर्च-मसालेदार भोजन-वस्तुएं उपयोग करना
मांसाहार.
कुछ अंग्रेजी दर्द निवारक गोलियां भी एसिडिटी रोग उत्पन्न करती हैं।
भोजन के बाद अम्लता के लक्षण बढ जाते हैं.
रात को लेटने पर भी एसिडिटी के लक्षण उग्र हो जाते हैं।
कुछ और अम्लता निवारक उपचार निम्न हैं-
** शाह जीरा अम्लता निवारक होता है। डेढ लिटर पानी में २ चम्मच शाह जीरा डालें । १०-१५ मिनिट उबालें। यह काढा मामूली गरम हालत में दिन में ३ बार पीयें। एक हफ़्ते के प्रयोग से एसिडीटी नियंत्रित हो जाती है।
** भोजन पश्चात थोडे से गुड की डली मुहं में रखकर चूसें। हितकारी उपाय है।
**सुबह उठकर २-३ गिलास पानी पीयें। आप देखेंगे कि इस उपाय से अम्लता निवारण में बडी मदद मिलती है।
** तुलसी के दो चार पत्ते दिन में कई बार चबाकर खाने से अम्लता में लाभ होता है।



** एक गिलास जल में २ चम्मच सौंफ़ डालकर उबालें।रात भर रखे। सुबह छानकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर पीयें। एसिडीटी नियंत्रण का उत्तम उपचार है।
आंवला एक ऐसा फ़ल जिससे शरीर के अनेकों रोग नष्ट होते हैं। एसिडीटी निवारण हेतु आंवला क उपयोग करना उत्तम फ़लदायी है।
**पुदिने का रस और पुदिने का तेल पेट की गेस और अम्लता निवारक कुदरती पदार्थ है। इसके केप्सूल भी मिलते हैं।
**फ़लों का उपयोग अम्लता निवारंण में महती गुणकारी है। खासकर केला,तरबूज,ककडी और पपीता बहुत फ़ायदेमंद हैं।
**५ ग्राम लौंग और ३ ग्राम ईलायची का पावडर बनालें। भोजन पश्चात चुटकी भर पावडर मुंह में रखकर चूसें। मुंह की बदबू दूर होगी और अम्लता में भी लाभ होगा।
** दूध और दूध से बने पदार्थ अम्लता नाशक माने गये है
**अचार,सिरका,तला हुआ भोजन,मिर्च-मसालेदार चीजों का परहेज करें। इनसे अम्लता बढती है। चाय,काफ़ी और अधिक बीडी,सिगरेट उपयोग करने से एसिडिटी की समस्या पैदा होती है। छोडने का प्रयास करें।
**एक गिलास पानी में एक नींबू निचोडें। भोजन के बीच-बीच में नींबू पानी पीते रहें। एसिडिटी का समाधान होगा।
**आधा गिलास मट्ठा( छाछ) में १५ मिलि हरा धनिये का रस मिलाकर पीने से बदहजमी ,अम्लता, सीने मे जलन का निवारन होता है
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