29/9/16

होम्योपैथी मे कब्ज का रामबाण ईलाज



अपर्याप्त भोजन, पानी और द्रवों का कम सेवन, रेशा और चोकर-रहित भोजन करना या ‘इसोप्टिन’ जैसी औषधियों के उपयोग से मलावरोध या कब्ज उत्पन्न हो जाता है।
एलोपैथी : डल्कोलैक्स, मिल्क ऑफ मैग्नीशियम, क्रेमाफिन और लक्टुलोज आदि औषधियां सामान्यतः कब्ज दूर करने के लिए दी जाती हैं।
एलोपैथी का प्रभाव : इन मृदुविरेचक (लैक्ज़ेटिव) और दस्तावर (परगेटिव) औषधियों को लेने के बाद कब्ज और अधिक दृढ़ता से उत्पन्न होता है। इन औषधियों को लेने की आदत पड़ जाती है।
होम्योपैथी : होम्योपैथी, जैसा कि नीचे दिया गया है, बहुत विशिष्ट है :
. बच्चों का मलावरोध : अल्युमिना 30,नक्सवोमिका 200,ब्रायोनिया – 30
 रेचक या दस्तावर औषधियां : हाइड्रास्टिस 30,नक्सवोम 200 के दुरुपयोग के बाद कब्ज




अधिक खाने वालों का कब्ज : नक्स वोम, सल्फर
 बैठे रहने की आदत के कारण मलावरोध : अलेट्रिस, कॉलिन्सोनिया, नक्सवोभिका (लगातार कई घंटों तक बैठना)
. वृद्धावस्था में कब्ज : प्लाटि., एल्युमिना, ओपियम, ऐवेना
. यात्रियों का कब्ज : एल्यु., हाइड्रास्टिस, नक्स वोम
 आंतों और मलाशय की दुर्बलता के कारण कब्ज, दर्द निवारक और अन्य आंतों की दुर्बलता : इस्क्युलस 30, एलोज 30, अल्फा Q + , एवेना Q + अलेट्रिस Q 10-15 बूंद सुबह-शाम एलोपैथिक औषधियों के सेवन से उत्पन्न भोजन के बाद ।
 बवासीर के कारण कब्ज : जो एंटासिड इस्क्यूलस, कॉलिंसोनिया आदि औषधियों के सेवन से उत्पन्न हुआ है।
 नर्वस, संवेगशील दुर्बल एवं अम्लीय मनोवृति के कारण उत्पन्न मलावरोध : अंब्रा 30 और अर्जेटम नाइट्रिक 30 पर्यायक्रम से दिन में 2-3 बार
. वर्षों से चला आ रहा जीर्णकालिक कब्ज (जल्दी थक अवसाद मानों मल आंतों के निचले भाग में जा रहा है, भोजन के बाद। अांतों की दुर्बल क्रमाकुचन (पेरिस्टालसिस) क्रिया। : हाइड्रास्टिस 30, अलेट्रिस Q सुबह शाम
गर्भावस्था के दौरान कब्ज : सीपिया 30, पोडो 30

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