बुधवार, 8 फ़रवरी 2017

गुलाब के फूल के औषधीय गुण Medicinal properties of roses


गुलाब बेहद सुंदर और खुशबूदार पौधा है जो अपने इन गुणों की वजह से सभी लोगों को अच्छा लगता है। लेकिन क्या आपको पता है यह पौधा अपने औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। गुलाब का पौधा व गुलाब का फूल पूरे भारत में मिलता है। यह फूल विटामिन सी से भरपूर होता है। साथ ही साथ गुलाब के फूलों का रस खून को साफ भी करता है। गुलाब का शर्बत दिमाग को शीतल और शक्ति देता है। आयुर्वेद में गुलाब को महाकुमारी, शतपत्री व तरूणी आदि नामों से जाना जाता है।गुलाब के फूल को कोमलता और सुंदरता का प्रतीक माना जाता है, लेकिन यह सिर्फ खूबसूरत फूल ही नहीं है, बल्कि कई तरह के औषधिय गुणों से भी भरपूर है। गुलाब की सुगंध ही नहीं इसके आंतरिक गुण भी उतने ही अच्छे हैं। इसके फूल में कई रोगों के उपचार की क्षमता है।
*दरअसल गुलाब लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक गुणों से भरपूर है, जिससे यह मेटाबॉलिज्म ठीक करता है और पेट के टॉक्सिन हटाता है। इससे वजन घटाने में मदद मिलती है| आज हम आपको गुलाब के फूल के ऐसे ही कई उपयोगों के बारे में बताने जा रहे है|
इसकी हर पंखुड़ी में समाए हैं अनगिनत गुण। त्वचा को सुंदर बनाने से लेकर शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने में गुलाब बहुत काम आता है|
*लाल गुलाब के फूल हमारी ऊर्जा में वृद्धि करते हैं। ये हमारी ‘एड्रीनल ग्रंथि’ को प्रभावित करते हैं। लाल गुलाब की पंखुड़ियों से निर्मित गुलकंद हमारे उदर विकारों को दूर कर शरीर की गर्मी को कम करता है। इसके नियमित सेवन से हमारे होंठ गुलाब की पंखुड़ी जैसे ही लाल बनते हैं। फूलों से बने मुकुट को किसी निश्चित समय के लिए पहनना ‘पुष्प आयुर्वेद’ की उपचार पद्धति का हिस्सा रहा है। प्राचीन वैद्यों में ‘चक्रम’, ‘भगवान’ आदि को पुष्प चिकित्सा में महारत हासिल थी। उन्होंने इस पद्वति का सफलतापूर्वक सुनियोजित तरीके से प्रयोग किया। फूलों की सुगंध, उन्हें तोड़ने के समय, दवा में प्रयोग की विधि, दवा लगाने में किस तरह की चीजों का प्रयोग करना चाहिए आदि का पता देती है। वर्तमान समय में सेहत और पर्यटन के बढ़ते महत्व के कारण पुष्प आयुर्वेद को एक नई पहचान मिली है। निजी क्षेत्र के बहुत सारे आयुर्वेदिक संस्थान इस दिशा में सार्थक कदम बढ़ा रहे हैं। ऋषिकेश स्थित ‘आनंदा’ तथा केरल में अनेक पर्यटक स्वास्थ्य गृहों में पुष्प चिकित्सा का प्रयोग हो रहा है। उत्तरांचल के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी विभिन्न आश्रम इस विधि को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका अदा कर रहे हैं। विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों में फूलों का प्रयोग किया जा रहा है।



*गुलाब के फूल की पंखुड़ियां खाने से मसूढ़े और दांत मजबूत होते हैं। मुंह की बदबू दूर होती है और पायरिया रोग से भी निजात मिल जाती है।

*गुलाब आंखों के लिए, जलन और मुंख संबंधी कई विकारों को दूर करता है। फिटकरी में गुलाबजल को मिलाकर इस्तेमाल करने से कई रोग खत्म होते हैं। विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए गुलकंद एक बेहद उपयोगी दवा का भी काम करती है
गुलाब के फूल (Rose) के आयुर्वेदिक व औषधीय गुण
*वजन घटाने में फायदेमंद
गुलाब में मौजूद लैक्सेटिव और ड्यूरेटिक गुण मेटाबॉलिज्म तेज करने में मदद करते है| मेटाबॉलिज्म तेज होने पर शरीर में कैलोरी लॉस होने लगता है, नतीजनत् वजन नियंत्रित रहता है| वजन को कम करने के लिए आर्युवेद में भी गुलाब का इस्तेमाल किया जाता है| अगर आप भी अपने बढ़ते वजन से परेशान है तो गुलाब की कुछ पत्तियाँ(करीब 2०) को एक ग्लास पानी में डालकर उबालें। उबालने से पहले इन्हे साफ़ करना ना भूले|
आपको पानी को तब तक उबालना है जब तक पानी का रंग गहरा गुलाबी न लगने लगे। फिर इसमें एक चुटकी इलायची पाउडर और एक चम्मच शहद मिलाएं। अब इस मिश्रण को छन्नी से छानकर दिन में दो बार लें। इसके सेवन से आपका वजन भी कम होता है और तनाव भी दूर होने में मदद मिलती है|
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गुलाब से बने गुलकंद में विटामिन बी, सी और ई भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। भोजन करने के बाद गुलकंद के सेवन से पाचन से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती है|

गुलाब की पत्तियों को पीसकर होंठो पर लगाने से फटे होंठो की समस्या से निजाद मिलती है| इसे होंठो में लगाना थोड़ा मुस्किल होता है, तो आप थोड़ा ग्लिसरीन मिला सकते है|
*यदि किसी को गर्मी के कारण सिरदर्द हो रहा हो तो, गुलाब को पीस कर लेप बनाकर सिर पर लगाने से सिर दर्द थोड़ी देर में गायब हो जाता है।
रोज सुबह चेहरा धोने के बाद गुलाब जल में नीबू की कुछ बूंदें मिला कर हल्के हाथों से चेहरे पर लगाकर धोने से त्वचा का कालापन दूर होता है|
*डीहाइड्रेशन से बचाये-
गुलाब की पत्तियों से आप गुलकंद बना सकते है| गुलकंद का सेवन आपको डीहाइड्रेशन से बचाता है| इससे शरीर को ठंडक मिलती है जिससे आप तरोताजा महसूस करते है| यदि आप काम के बाद बहुत थका महसूस करते है तो गुलकंद जरूर खाए, ये आपके शरीर को स्फूर्ति देगा| इससे थकान और शरीर का दर्द दोनों दूर होता है|रतौंधी नामक आँखों के रोग के रोग और गर्मी के कारण आँखों में होने वाली जलन को दूर करने के लिए गुलाब जल का इस्तेमाल एक बहुत अच्छी दवा है|
*यदि किसी को चेचक हो गया हो तो गुलाब की पंखुडियां को सूखाकर चूर्ण बना लें, फिर इस इस चूर्ण को चेचक के रोगी के बिस्तर पर डाले| इससे पीड़ित को ठंडक और आराम मिलता है।
*नियमित तौर पर सुबह-शाम एक चम्मच गुलकंद खाने से मसूढ़ों में दर्द या खून आने की समस्या से निजाद मिलती है| यहाँ तक की मासिक धर्म के दौरान भी गुलकंद खाने से पेट दर्द में आराम मिलता है।
*गुलकंद एक आयुर्वेदिक टॉनिक है। गुलाब के फूल की भीनी-भीनी खुशबू और पंखुड़ियों के औषधीय गुण से भरपूर गुलकंद को नियमित खाने पर पित्त के दोष दूर होते हैं तथा इससे कफ में भी राहत मिलती है। गर्मियों के मौसम में गुलकंद कई तरह के फायदे पहुंचाता है। हाजमा दुरुस्त रखता है और आलस्य दूर करता है। गुलकंद शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और कब्ज को भी दूर करता है। सुबह-शाम एक-एक चम्मच गुलकंद खाने पर मसूढ़ों में सूजन या खून आने की समस्या दूर हो जाती है। पीरियड के दौरान गुलकंद खाने से पेट दर्द में आराम मिलता है। मुंह का अल्सर दूर करने के लिए भी गुलकंद खाना फायदेमंद होता है।
*गुलकंद इस तरह बनाएं: ताजे गुलाब की पंखुड़ियों को अच्छी तरह से धोकर पानी निथार लें। जितनी मात्र में पंखुड़ियां हैं, उतनी मात्र में मिश्री या मोटी चीनी लें। अच्छी तरह मिला कर एक शीशे के जार में रखें। दस दिन तक लगातार धूप दिखाएं। गुलकंद तैयार है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये



गुलाब में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाये जाते है| इसलिए इसकें सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है| सुबह सुबह यदि खाली पेट ताजे गुलाब की २-३ कच्ची पंखुड़ियां खा ली जाएं, तो दिन भर के लिए ताजगी मिलती है। दरहसल गुलाब एक बेहद अच्छा ब्लड प्यूरिफायर है। पेट दर्द और यूरीन से जुड़ी दिक्कतों में भी गुलाब की पत्तियों का पानी लाभप्रद साबित होता है।

त्वचा के लिए फायदेमंद
सिर्फ गुलाब ही नहीं,गुलाब जल के फायदे  भी बहुत है| यदि आप अपने चेहरे पर मुहांसो से परेशान है तो त्वचा पर चन्दन या फिर मुल्तानी मिटटी में गुलाब जल मिलाकर लगाये| सूखने तक रखे फिर धो ले| कुछ दिन तक नियमित इस प्रयोग को करने से त्वचा के मुँहासे और उससे होने वाले दाग दोनों खत्म हो जाते है|
*अगर आपकी त्वचा शुष्क है, तो गर्मियों में अपनी त्वचा पर चंदन पाउडर में गुलाब जल मिला कर लगाएं। त्वचा मुलायम होगी और पिंपल्स से भी निजात मिलेगी। रोज सुबह चेहरा धोने के बाद एक चम्मच गुलाब जल में नीबू की कुछ बूंदें मिला कर हल्के हाथों से लगा कर धोएं। इससे त्वचा का कालापन कम हो जाएगा। मुहांसों के पुराने दागों पर नियमित गुलाब जल में शहद मिला कर लगाएं। दाग दूर हो जाएंगे।
*अस्थमा, हाई ब्लड प्रेशर, ब्रोंकाइटिस, डायरिया, कफ, फीवर, हाजमे की गड़बड़ी में गुलाब का सेवन बेहद उपयोगी होता है।
*गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल चाय बनाने में भी होता है। इससे शरीर में जमा अतिरिक्त टॉक्सिन निकल जाता है। पंखुड़ियों को उबाल कर इसका पानी ठंडा कर पीने पर तनाव से राहत मिलती है और मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है।
*पेट दर्द, यूरीन से जुड़ी दिक्कतों में भी गुलाब की पंखुड़ियों का पानी कारगर साबित होता है।
*अर्जुन की छाल और देसी गुलाब मिलाकर पानी में उबाल लें। यह काढ़ा पीने से दिल से जुड़ी बीमारियां खत्म होती हैं। दिल की धड़कन बढ़ रही हो तो सूखी पंखुड़ियां उबालकर पिएं।
दिल का रखे ख़याल
आप शायद नहीं जाते होंगे लेकिन गुलाब का फूल आपके दिल के लिए भी फायदेमंद है| अर्जुन की छाल और देसी गुलाब मिलाकर पानी में उबाल कर काढ़े जैसा बना ले| इस काढ़े को चाय की तरह पिने से दिल से जुड़ी बीमारियां दूर रहती है। यदि किसी की दिल की धड़कन बढ़ रही हो तो वो सूखी पंखुड़ियों को उबालकर पी ले।
*नींद न आती हो या तनाव रहता हो तो सिर के पास गुलाब रखकर सोएं, अनिद्रा की समस्या दूर हो जाएगी।
* गुलाब के फूल की पंखुड़ियां खाने से मसूढ़े और दांत मजबूत होते हैं। मुंह की बदबू दूर होती है और पायरिया रोग से भी निजात मिल जाती है।
*गुलाब के फूल में विटामिन ए, बी 3, सी, डी और ई से भरपूर होता हैं । इसमें उच्‍च मात्रा में विटामिन सी होने के कारण डायरिया के इलाज के लिए इसका प्रयोग किया जाता हैं। गुलाब के फल में फ्लवोनोइड्स, बायोफ्लवोनोइड्स, सिट्रिक एसिड, फ्रुक्टोज, मैलिक एसिड, टैनिन और जिंक भी होता हैं।



*गुलाब जल में बालों की देखभाल के प्रभावी गुण होते हैं। इसे बालों में लगाने से बालों की जड़ों में ब्लड के सर्कुलेशन में सुधार होता हैं। जिससे बालों के विकास में मदद मिलती हैं। इसके अलावा यह बालों को मजबूत और लचीला बनाने के लिए एक कंडीशनर का भी काम करता हैं ।

*त्वचा के लिए गुलाब जल बहुत लाभदायक होता हैं । गुलाब जल के प्रयोग का सबसे बड़ा फायदा यह हैं कि गुलाब जल एक प्राकृतिक एस्ट्रिंजेंट होने से यह एक सर्वश्रेष्‍ठ टोनर भी हैं । रोज रात को सोने से पहले इसे लगाने से त्वचा टाइट होती हैं, यह त्वचा के पीएच संतुलन को बनाएं रखता हैं और मुंहासों को दूर करने में भी मदद करता हैं ।
*गुलाब का शर्बत मस्तिष्क को बल व शीतलता प्रदान करता है।
दाह, मुखपाक, मुखशोथ होने पर गुलकंद लाभकारी होता है। – नेत्र विकारों में गुलाबजल का प्रयोग किया जाता है।
*गुलाब गर्मी के मौसम में होने वाली बेचैनी ,घबराहट जैसी समस्याओं के लिए भी बहुत अच्छा होता हैं। इसे रोज़ाना सुबह खाने से राहत मिलती हैं ।
*आंखों में होने वाली समस्याओं के लिए भी गुलाब बहुत फ़ायदा देता हैं । आंखों में गर्मी के कारण जलन हो या धूल मिट्टी जाने से आंखों में तकलीफ हो रही हो तो गुलाब जल से आंखों को धोने से आराम मिलता हैं ।
*गुलाब का तेल बुखार को आने से भी रोकता हैं। गुलाब में मौजूद एंटी इंफ्मेंटेरी तत्‍व सूक्ष्म जीवाणु संक्रमण के कारण सूजन, रसायन, अपच और निर्जलीकरण को कम करने में मदद करता हैं।
*गुलाब जल का प्रयोग एक हर्बल चाय के रूप में भी किया जा सकता हैं। यह पेट के रोगों और मूत्राशय में होने वाले संक्रमण को दूर करने के काम आती हैं । और साथ ही गर्मी के दिनों में गुलाब को पीस कर उसका लेप बना कर माथे पर लगाने से सिर दर्द भी ठीक हो जाता हैं ।
*गुलाब के तेल में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण घावों को जल्दी भरने में मदद करते हैं । घाव पर गुलाब का तेल लगाने से संक्रमण भी नहीं फैलता हैं ।
*अगर आपकी त्वचा शुष्क है, तो गर्मियों में अपनी त्वचा पर चंदन पाउडर में गुलाब जल मिला कर लगाएं। त्वचा मुलायम होगी और कील मुहांसों से भी राहत मिलेगी।



रोज सुबह चेहरा धोने के बाद एक चम्मच गुलाब जल में नीबू की कुछ बूंदें मिला कर हल्के हाथों से लगा कर धोएं। इससे त्वचा का कालापन कम हो जाएगा। मुहांसों के पुराने दागों पर नियमित गुलाब जल में शहद मिला कर लगाएं। दाग दूर हो जाएंगे।
इसके अंदर ऐसे तत्व पाए जाते हैं जिसकी वजह से आपके चेहरे के बंद पोर्स साफ हो जाएगें। इन पोर्स में तेल और गंदगी छुपी रहती है जिसकी वजह से चेहरे पर कील और मुंहासे हो जाते हैं। गुलाब जल लगाने से चेहरा की त्वचा स्वस्थ और चमकदार बन जाती है।
*यदि आप कहीं तेज़ धूप में जा रहे हों तो त्वचा पर गुलाब जल छिडकने से धूप का असर नहीं पड़ता। गुलाब जल एक कीटाणुनाशक भी है। जिसके प्रयोग से छोटे छोटे कीटाणुओं का नाश हो जाता है। इसको लगाने से धूप की वजह से होने वाले नुक्‍सानों से बचा जा सकता है।
*गुलाब जल एक प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन है जिसको लगातार लगाने से कई तरह की त्‍वचा संबधी समस्‍याएं खतम हो जाती हैं। सन बर्न या फिर त्‍वचा को साफ करना हो, गुलाब जल काफी फायदेमंद होता है।
*पुरूष इसे आफ्टर शेव के रूप में भी प्रयोग कर सकते हैं।
गुलाब जल अरोमा थैरेपी का ही एक हिस्‍सा है। अगर गुलाब जल का प्रयोग किया जाए तो काफी सकारात्‍मक प्रभाव मिलते हैं। तनाव कम होना, अच्‍छी नींद आना, तरो-ताज़ा महसूस करना और सौंदर्य निखरना यह सब गुलाब जल के लगातार उपयोग से ही होता है।
*गुलाब जल एक सर्वश्रेष्‍ठ टोनर भी है। यह एक प्राकृतिक अस्ट्रिन्जन्ट होता है इसलिए यह टोनर के रुप में प्रयोग किया जाता है। रोज़ रात को इसे अपने चेहरे पर लगाएं और देखे की आपकी त्‍वचा कुछ ही दिनों में टाइट हो जाएगी और झुर्रियां चली जाएगीं।
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