शुक्रवार, 10 मार्च 2017

काली हल्दी के उपचार प्रयोग टोटके


      जो व्यक्ति अपने जीवन में काली हल्दी का प्रयोग करते है उन्हें अपने जीवन में अनेक तरह की बाधाओं से निजात मिलती है और वे सुख समृद्धि का जीवन व्यतीत करते है. माना जाता है कि काली हल्दी से किये गए टोटके हमेशा सफल होते है और बड़े काम आते है, किन्तु ये हल्दी आसानी से प्राप्त नहीं होती बहुत कम पंसारी है जिनके पास ये उपलब्ध होती है लेकिन आप उनसे इस लाभदायी काली हल्दी को मंगा जरुर सकते हो
हल्दी को मसाले के रूप में भारत में बहुत प्राचीन समय से उपयोग में लाया जा रहा है। पीली हल्दी को बहुत शुद्ध माना जाता है इसलिए इसका उपयोग पूजा में भी किया जाता है। हल्दी की अनेक प्रजातियां हैं लेकिन पीली हल्दी के अलावा काली हल्दी से पूजा की जाती है 

*तंत्र की दुनियां में काली हल्दी का प्रयोग विभिन्न तरह के टोटको में किया जाता है। काली हल्दी को धन व बुद्धि का कारक माना जाता है। काली हल्दी का सेवन तो नहीं किया जाता लेकिन इसे तंत्र के हिसाब से बहुत पूज्यनीय और उपयोगी माना जाती है। अनेक तरह के बुरे प्रभाव को कम करने का काम करती है।
    *इस हल्दी का मुख्य प्रयोग होली के आसपास या होली के दिन किया जाते है, इसका तंत्र क्रियाओं में अहम स्थान है और होली के दिन तो इसे अभिमंत्रित करके या इसके साथ कुछ जड़ी बूटियों को अभिमंत्रित व मन्त्रों से सिद्ध करके घर लाया जाता है. अगर आप किसी को अपने वश में करना चाहते है तो उसके लिए काली हल्दी सर्वोत्तम है. ये हल्दी अंदर से तो हल्की काली होती है जबकि इसका पौधा केली के पौधे की तरह दिखाई देता है.
नीचे लिखे इसके कुछ उपायों को अपनाकर आप भी जिन्दगी से कई तरह के दुष्प्रभावों को मिटा सकते हैं।
*काली हल्दी को पीली हल्दी से ज्यादा फायदेमंद और गुणकारी माना जाता है. काली हल्दी बहुत दुर्लभ मात्रा में पाई और देखी जाती है. काली हल्दी दिखने में अंदर से हल्के काले रंग की होती है व उसका पौधा केली के समान होता है. खास बात यह है कि कहा जाता है – काली हल्दी से जुड़े टोटके खाली नहीं जाते हैं.



*काली हल्दी के पौधे को कंकू, पीले चावल से आमंत्रित कर होली वाले दिन लाया जाता है।

आमंत्रित करने का तरीका
*एक थाली में कंकू, चावल, अगरबती, एक कलश में शुद्ध जल रख, पवित्र कोरे वस्त्र पहन कर जाएं। फिर पौधे को शुद्ध जल से धोकर कंकू चढ़ाएं व पीले चावल चढ़ाकर 5 अगरबत्ती लगाकर कहें- मैं आपके पास अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु आया हूं कल आपको मेरे साथ मेरी मनोकामना की पूर्ति हेतु चलना है। फिर होली की रात को जाकर एक लोटा जल चढ़ाकर कहें कि मैं आपके पास आया हूं, आप चलिए मेरी मनोकामना की पूर्ति हेतु। इस प्रकार काली हल्दी (यह जड़ होती है) खोदकर ले आएं। बस यही आपके काम की है।
*परिवार में कोई व्यक्ति हमेशा अस्वस्थ रहता है तो प्रथम गुरुवार को आटे के 2 पेड़े बनाएं। उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी-सी पिसी काली हल्दी को दबाएं। रोगी के ऊपर से 7 बार उतारकर गाय को खिला दें।यह उपाय लगातार 3 गुरुवार करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा।
*यदि पत्रिका में गुरु और शनि पापाक्रांत हैं, तो यह उपाय करें - शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार से नियमित रूप से काली हल्दी पीसकर तिलक लगाने से यह दोनों ग्रह शुभ फल देने लगते हैं।



*यदि किसी के पास पैसा आता तो बहुत है किंतु रुकता नहीं है, तो उन्हें इन उपायों को अवश्य आजमाना चाहिए। शुक्ल पक्ष के प्रथम शुक्रवार को चांदी की डिब्बी में काली हल्दी, नागकेसर व सिन्दूर को साथ में रखकर मां लक्ष्मी के चरणों से स्पर्श करवाकर रुपया-पैसा रखने के स्थान पर रख दें। इस उपाय से धन रुकने लगेगा।

रोग नाशक टोटके
*यदि परिवार में कोई व्यक्ति निरन्तर अस्वस्थ्य रहता है, तो प्रथम गुरूवार को आटे के दो पेड़े बनाकर उसमें गीली चने की दाल के साथ गुड़ और थोड़ी सी पिसी काली हल्दी को दबाकर रोगी व्यक्ति के उपर से 7 बार उतार कर गाय को खिला दें। यह उपाय लगातार 3 गुरूवार करने से आश्चर्यजनक लाभ मिलेगा।
*यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को नजर लग गयी है, तो काले कपड़े में हल्दी को बांधकर 7 बार उपर से उतार कर बहते हुये जल में प्रवाहित कर दें|
*काली हल्दी का चूर्ण दूध में डालकर चेहरे और शरीर पर लेप करने से त्वचा में निखार आ जाता है।
*यदि आपका व्यवसाय मशीनरी से संबंधित है और आए दिन कोई न कोई मशीन खराब होती है तो आप काली हल्दी को पीसकर केसर व गंगा जल मिलाकर प्रथम बुधवार को उस मशीन पर स्वस्तिक बना दें। इस उपाय से मशीन जल्दी -जल्दी खराब नहीं होगी।
*काली हल्दी के 108 दाने बनाएं। उन्हें धागे में पिरोकर धूप, गूगल और लोबान से धूनी देने के बाद पहन लें। जो भी व्यक्ति इस माला को पहनता है, वह ग्रहों के दुष्प्रभावों व नजरादि टोने-टोटके से सुरक्षित रहता है|
*यदि कोई व्यक्ति मिर्गी या अपस्मार (पागलपन) से पीड़ित हो तो किसी अच्छे मूहूर्त (सर्वार्थसिद्धि योग) में काली हल्दी को कटोरी में रखकर लोबान की धूप दिखाकर शुद्ध करें। तत्पश्चात एक टुकड़े में छेद कर धागे की मदद से उसके गले में पहना दें और नियमित रूप से कटोरी की थोड़ी-सी हल्दी का चूर्ण ताजे पानी से सेवन कराते रहें, अवश्य लाभ मिलेगा।



*नमक और हल्दी का वशीकरण के लिए बहुत लोकप्रिय है इसके द्वारा किसी को भी अपने वस में कर लेने की बात कही जाती है. वैसे तो इंसान हर वस्तु का प्रयोग अपनी आस्था, समझ, ज्ञान, विश्वास, और भ्रम के आधार पर अनेक प्रकार से करता है. वैसे ही काली हल्दी का प्रयोग भी अन्धविश्वासी, तांत्रिक , वैद्य, सब अलग अलग तरीके से करते हैं.

*काली हल्दी मजबूत एंटीबायोटिक गुणों के साथ चिकित्सा में जडी़ – बूटी के रूप में उपयोग की जाती हैं. इसका प्रयोग घाव, मोच, त्वचा, पाचन तथा लीवर की समस्याओं के निराकरण के लिए किया जाता है. उसकी साखें कोलस्ट्राँल को कम करने में मदद करती है.
*गुरुपुष्य-योग में काली हल्दी को सिंदूर में रखकर धुप देने के बाद लाल कपड़े में लपेटकर एक दो सिक्को के साथ उसे बक्से में रख दें। इसके प्रभाव से धन की वृद्धि होने लगती है।
आरोग्य जीवन के लिए ( For Healthy Life ) :

 अगर परिवार में बीमारियाँ वास करती है और घर का कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार पड़ा रहता है तो आपको गुरूवार के दिन का चुनाव करना है और गेहूँ के आटे से 2 पेड़ियाँ बनानी है. अब इन पेड़ियों में थोड़ी सी पीसी हुई काली हल्दी, गुड और गीली चने की दाल मिलायें, फिर इन पेड़ियों को बीमार व्यक्ति के ऊपर से 7 बार घडी की दिशा की तरह घुमाएं और किसी गाय को खिलाएं. ये उपाय आपको 3 गुरूवार तक अपनाना है, आपको आश्चर्यजनक तरीके से लाभ प्राप्ति होगी और पीड़ित भी धीरे धीरे स्वस्थ होने लगेगा.
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