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पैरों व टखनों की सूजन व दर्द कम करने के आसान घरेलू उपाय/ Easy home remedies for swelling of feet and ankles and pain reduction




  चलते हुए अक्‍सर आपका पैर अक्‍सर मुड़ जाता है। जरा सी चूक से कई बार पैरों में मोच आ जाती है। टखने में मोच सामान्‍य है और यह किसी को भी हो सकती है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ खिलाडि़यो को ही पैर में मोच आती है। आम आदमी को भी ऐसी समस्‍या आ सकती है। अचानक पैर मुड़ने से टखने में मोच अथवा चोट लग सकती है। जब पैर मुड़ने से टखने के जोड़ को सहारा देने वाला उत्तक क्षतिग्रस्‍त हो जाता है, तो मोच की समस्‍या आती है। हालांकि इसे एक सामान्‍य समस्‍या समझा जाता है, लेकिन सही देखभाल के अभाव में यह समस्‍या काफी बड़ी भी हो सकती है।
पैर व टखनों में सूजन की समस्या
पैरों में मोच आना यूं तो एक सामान्‍य समस्‍या है, जिसके कारण आप कई बार हिल भी नहीं पाते। ऐसे हालात में किसी व्‍यक्ति के लिए चलना फिरना भी मुहाल हो जाता है। पैर व टखनों की सूजन एक दर्दभरी समस्या है। ये समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है। इस स्थिति में पीड़ित व्यक्ति को काफी तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसमें पैर, खासतौर पर टखनों और एड़ियों के आसपास सूजन, लालिमा और जलन हो जाती है। ये सूजन की समस्या किसी भी मौसम में हो सकती है लेकिन सर्दियों में ये समस्या और अधिक बढ़ जाती है। इसके अलावा, कई और कारणों से ये सूजन की समस्या होती हैं। लेकिन, ऐसे में आप कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। जो कारगर तो हैं ही साथ ही सुरक्षित भी हैं



पैर या टखने की चोट

पैर या टखने की चोट के कारण भी उस स्थान पर सूजन की समस्या हो सकती है। सबसे आम है टखने की मोच। ये तब होती है जब टखना गलत तरह से मुड़ जाता है। मोच या पैर की अन्य चोटों के कारण आई सूजन की समस्या से निपटने के लिए आराम सबसे अधिक जरूरी है। बर्फ की सिकाई और टखने को कंप्रैशन बेंडेज से बांधने से इस समस्या में राहत मिल सकती है। अगर ऐसा करने से भी आराम न हो, और सूजन बढ़ जाए तो चिकित्सक के पास जरूर जाएं।
इन्फेक्शन
पैर व टखनों में सूजन इन्फेक्शन का एक लक्षण भी हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज या पैर की अन्य नर्व संबंधी समस्या होती है, उन्हें पैर के इन्फेक्शन का जोखिम अधिक होता है। अगर आपको डायबिटीज है, तो आपको अपने पैरों में होने वाले फफोलों और दर्द पर ध्यान देने की जरूरत है।
दिल, लीवर या किडनी में खराबी
कई बार टखने व पैर की सूजन दिल, लीवर या किडनी की किसी बीमारी के लक्षण के रूप में प्रकट होता है। सूजा हुआ टखना दिल के दौरे का संकेत हो सकता है। अगर किडनी सही से काम न कर रही हों, तो भी पैर सूज सकते हैं। लीवर की बीमारी में अल्बमिन कहलाने वाले उस प्रोटीन के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है जो खून को दूसरे टीशू में फैलने से रोकता है। इस प्रोटीन के कम निर्माण से फ्लूड लीकेज बढ़ जाती है जो गुरुत्वाकर्षण के नियम के कारण पैरों में अधिक पहुंचता है, और उससे सूजन हो जाती है। किसी गंभीर समस्या से बचने के लिए पैर की सूजन के साथ चेस्ट पेन होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
खून का थक्का
पैरों की नसों में होने वाले खून के थक्के पैरों तक आने वाले खून के बहाव को उल्टा दिल तक वापस भेज देते हैं। इस वजह से भी टखने व पैर सूज जाते हैं। ये खून के थक्के यानी ब्लड क्लॉट या तो सुपरफीशियल होते हैं जो त्वचा के नीचे ही नसों में होते हैं, या फिर गहरे हो सकते हैं। गहरे खून के थक्के पैरों की कुछ और मुख्य नसों को ब्लॉक कर सकते हैं। ये खून के थक्के जानलेवा भी हो सकते हैं अगर ये दिल या फेफड़ों तक पहुंच जाएं। अगर आपके एक पैर में सूजन है और साथ में दर्द भी, बुखार और पैर का रंग भी बदल रहा है तो फौरन चिकित्सक के पास जाएं।
सर्दी से सूजन
सर्दियों में पैरों, खासतौर पर पैर की उंगलियों पर लाल निशान बनने या खुजली के साथ सूजन आने की समस्या काफी आम है। चिलब्लेंस नामक यह बीमारी सर्दियों में नंगे पैर घूमने या तापमान में अचानक बदलाव से होती है। हालांकि सर्दियों में यह सामान्य बीमारी है, लेकिन ध्यान नहीं देने पर कष्टदायक हो सकती है। यह एक कनेक्टिव टिश्यूज डिजीज है। साधारण उपाय करके इससे बचा जा सकता है। सर्दी से बचाव रखें, दस्ताने व मोजे पहने। धूप में ही बाहर निकलें, सिंकाई करें।



दवाओं के साइड इफेक्ट्स

कई दवाओं के साइड इफेक्ट की वजह से भी पैर व टखनों में सूजन हो जाती है। कैल्शियम चैनल ब्लॉकर, जो कि एक प्रकार की ब्लड प्रैशर की दवा है, उसका साइड इफेक्ट पैरों की सूजन ही होता है। इसके अलावा, एंटीडिप्रेसेंट्स खाने वाले लोगों को कई बार सूजन की इस समस्या का सामना करना पड़ता है। डायबिटीज की दवाएं भी पैर व टखने की सूजन का कारण हो सकती हैं। अगर आपको शक होता है कि आपकी सूजन का कारण आपके द्वारा खाए जाने वाली दवा ही है तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।
गर्भावस्था की समस्या
गर्भावस्था में टखने और पैर की सूजन आम समस्या है। हालांकि अचानक सूजन आया, या अत्यधिक सूजन आना किसी गंभीर समस्या की वजह से हो सकती है। ब्लड प्रेशर के बढ़ जाने, या गर्भावस्था के 20 हफ्तों के बाद यूरीन में प्रोटीन बढ़ जाने से ये समस्या हो सकती है। अगर टखने और पैर की सूजन के साथ साथ, पेट में दर्द, सिरदर्द, बार-बार मूत्र त्यागने, उल्टी व मतली की समस्या भी हो तो तुंरत चिकित्सक की सलाह लें।
मोच के लिए घरेलू नुस्‍खे :
छोटी मोच को पूरी तरह ठीक होने में महीना भर या उससे कुछ ज्‍यादा वक्‍त लग जाता है। जल्‍द और बेहतर आराम पाने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं-
आपकी जिस टखने में मोच आयी है, उसे पूरा आराम दें। आपको चाहिए कि आप उस पैर पर अधिक वजन न डालें। लेटते समय अपने पैर को तकियों के ऊपर रखें। काम करते समय ऐसी शारीरिक गतिविधियां न करें, जिनसे आपकी टखने पर अधिक जोर पड़ने की संभावना हो।
इसके बाद आप अपनी टखने के जोड़ पर आइस पैक लगायें। इससे सूजन और दर्द कम करने में मदद मिलेगी। इस आइस पैक को करीब 10 मिनट तक यूं ही छोड़ दें। इसके बाद आप उसे चोटिल हिस्‍से पर बांध सकते हैं। याद रखें ज्‍यादा टाइट न बांधें।
आप अपनी टखने पर गर्म पट्टी भी बांध सकते हैं। यह काफी मददगार होती है। इससे आपकी टखने स्थिर रहती है। इससे टखने को और नुकसान नहीं होता। इससे सूजन भी कम होती है और आपको आराम होता है।
हर्ब और मसाले, जैसे अदरक, हल्‍दी, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते, अजमोद, मेंहदी, इलायची और लौंग आदि सूजन कम करने में काफी उपयोगी होते हैं। आप इन्‍हें मोच और सूजन पर लगा सकते हैं। इससे काफी आराम मिलेगा।
रोटी को एक ओर से पकाइये, अब उस पर सरसों का तेल और हल्‍दी लगाइये। इससे मोच की सिंकाई करें। इससे आपको काफी फायदा होगा।
गर्म दूध में थोड़ी सी हल्‍दी डालकर पीने से अंदरूनी चोट और सूजन में फायदा होता है।

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