शनिवार, 13 मई 2017

लू लगने(Heat Stroke) के कारण ,उपाय ,उपचार




   सबसे पहले तो यह जानना आवश्यक है कि लू क्या है ? गर्मी के मौसम में गर्म हवाएं चलने लगती हैं । निर्बल या कमजोर व्यक्तियों में इसका खतरा अधिक रहता है । युवाओं की तुलना में बच्चे और वृद्ध इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं । इसी प्रकार मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति भी गर्म हवाओं की चपेट में जल्दी आ जाते हैं । किसी व्यक्ति को लू लगी है या नहीं, इसका पता उसके शरीर में हुए परिवर्तनों या लक्षणों को देख कर लगाया जा सकता है ।
>लू लगने के लक्षण

लू लगने से चक्कर आने लगते हैं, श्वास लेने में कठिनाई उत्पन्न होने लगती है, नब्ज की गति बढ़ जाती है, तीव्र सिर दर्द, बदन दर्द और सम्पूर्ण शरीर में कमजोरी का एहसास होने लगता है, मन खराब होने लगता है और उल्टियां भी आ सकती हैं। शरीर में पसीना नहीं आता और त्वचा खुश्क हो जाती है । कई बार लू से पीड़ित व्यक्ति बेहोश हो जाता है।लू से बचने के लिए कुछ उपाय इस प्रकार है -
*मेथी की सूखी पत्तियों को ठंडे पानी में कुछ समय भिगोकर रखें, बाद में उसे हाथ से मसलकर छान लें, इस पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर दो-दो घंटे पर रोगी को पिलाएँ, इससे लू से तुरंत छुटकारा मिलता है।



*इमली के बीज को पीसकर उसे पानी में घोलकर कपड़े से छान लें। इस पानी में शकर मिलाकर पीने से लू का शमन होता है।
*लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बाहर जाना ही पड़े तो सिर व गर्दन को तौलिए या अंगोछे से ढँक लेना चाहिए। अंगोछा इस तरह बाँधा जाए कि दोनों कान भी पूरी तरह ढँक जाएँ।
*गर्मी के दिनों में हल्का व शीघ्र पचने वाला भोजन करना चाहिए। बाहर जाते समय खाली पेट नहीं जाना चाहिए।गर्मी के दिनों में भूखे नहीं रहना चाहिए । जब भी घर से बाहर निकलना हो भरपेट भोजन करके निकलना चाहिए ।
*लू लगे व्यक्ति को छांव में लिटा दें। ठंडे गीले कपड़े से शरीर पोछे या फिर ठण्डे पानी से नहलाये। सामान्य तापमान का जल सिर पर डाले। ध्यान खे कि जिससे शरीर का तापमान कम हो जाये। व्यक्ति को नींबू पानी या नारियल पानी पीने को दे।
* धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी, छाते का इस्तेमाल करें। सफर में अपने साथ पानी रखे।
*धनिए को पानी में भिगोकर रखें, फिर उसे अच्छी तरह मसलकर तथा छानकर उसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर पीने से गरमियों में लू से राहत मिलती है।
*कच्चे प्याज का सेवन करने से भी लू से राहत मिलती है या खाने के साथ कच्चे प्याज का सलाद खाने से भी लू से राहत मिलती है।
*ग्रीष्मकाल में चूंकि पसीना अधिक आता है इसलिए शरीर का पानी अधिक मात्रा में खर्च होता है । अब यदि पानी की आपूर्ति न हो तो शरीर से पसीना निकलना बंद हो जाएगा । पसीना शरीर के तापमान को नियंत्रित कर लू से बचाव करता है । इसी प्रकार शीतल जल एक अमृत पेय है । घर से निकलने से पहले खूब पानी पिएं ताकि शरीर में उसकी कमी न रहे । पानी के अतिरिक्त इस मौसम में शरबत, गन्ने का रस, लस्सी आदि का भी सेवन करना चाहिए। पानी व रेशा प्रधान तरावट देने वाले फलों का सेवन करना चाहिए ।
*बाजारू ठंडी चीजे नहीं बल्कि घर की बनी ठंडी चीजो का सेवन करना चाहिये
ठंडा मतलब आम(केरी) का पना, खस,चन्दन गुलाब फालसा संतरा का सरबत ,ठंडाई सत्तू, दही की लस्सी,मट्ठा,गुलकंद का सेवन करना चाहिये
* लू लगने पर जौ के आटे और प्याज को पीसकर पेस्ट बनाएं और उसे शरीर पर लगाएं. जरूर राहत मिलेगी.
* धूप में निकलने से पहले नाखून पर प्याज घिसकर लगाने से लू नहीं लगती. यही नहीं धूप में बाहर निकलते वक्‍त अगर अाप छिला हुआ प्‍याज लेकर साथ चलेंगे तो भी आपको लू नहीं लगेगी.
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