बुधवार, 5 जुलाई 2017

गोमूत्र के फायदे //Benefits of Cow Urine






गोमुत्र अर्क :-

गौ कई प्रकार की होती है जेसे जर्शी, दोगली, देशी | इनमें से देशी गौ का मूत्र बहुत काम आता है | हिन्दू धर्म में गौ को माता मानते है और उसकी पूजा भी करते है | इसलिए देशी गौ को गौ माता के नाम से भी जाना जाता है | भाइयो हमारे बुजुर्ग कहते है की गौ माता के मूत्र में गंगा और गोबर में लक्ष्मी का वास होता है तभी मूत्र को घर में छिड़का और गोबर से चोका लगाया जाता है |
आयुर्वेद में गौ मूत्र के बहुत प्रयोग हैं |गौमूत्र का रासायनिक विश्लेषण करने पर वैज्ञानिकों ने पाया, कि इसमें 24 ऐसे तत्व हैं जो शरीर के विभिन्न रोगों को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। आयुर्वेद के अनुसार गौमूत्र का नियमित सेवन करने से कई बीमारियों को खत्म किया जा सकता है। जो लोग नियमित रूप से थोड़े से गौमूत्र का भी सेवन करते हैं, उनकी रोगप्रतिरोधी क्षमता बढ़ जाती है। मौसम परिवर्तन के समय होने वाली कई बीमारियां दूर ही रहती हैं। शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान बना रहता है। इसके कुछ गुण इस प्रकार गए हैं|
गौ मूत्र का सेवन कैसे करें :-
स्वस्थ गौ माता का गौ मूत्र को रोजाना दो तोला सात पट कपड़े में छानकर उसमें से आधा कफ गौ मूत्र सुबह-सुबह खाली पेट पियें | ध्यान रहे की गौ देशी होनी चाहिए और वो प्रेगनेंट नहीं होनी चाहिए | अगर आप गौ अर्क का सेवन करना चाहते हैं तो आधे कफ पानी में 1 या 2 चम्मच गौ अर्क डाल दें और उसे पी लें | आप इसका सेवन सुबह-साम खाली पेट कर सकते हैं |
कृषि में गोमूत्र का प्रयोग :-
वर्तमान मानव जीवन कृषि में रासायनिक खादों के प्रयोग से होने वाले दुष्परिणामों को झेल रहा है। रासायनिक खादों से विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ फैल रही हैं। ऐसे में गोमूत्र एवं अन्य अपशिष्ट वैकल्पिक खाद और कीटनाशक के रूप में सामने आ रहे हैं।
याद रहे जो भी उपचार आपको नीचे गौ मूत्र से बताये गयें है | इसमें आपको देशी गौ माता का मूत्र ही लेना है और गौ प्रेग्नेनेट नहीं होने चाहिए | या आप उसकी बछिया का ले सकते है | और फिर आपको ये गौ मूत्र किसी सूती कपडे में से 7-8 बार छानना है | तभी इसका प्रयोग करना है |
गौ मुत्र के फायदे :



कान के सभी रोगों के लिए : 

जिन व्यक्तियों के कान में प्रॉब्लम है जेसे कान में दर्द रहना, कम सुनायी देना मवाद निकलना इत्यादि | जिनको भी ये सभी तकलीफें है वो लोग देशी गौ माता का मूत्र कान में एक – दो बूंद अवस्य डाले कम से कम 5-6 दिन तक | और आधा गौ मूत्र कफ पियें बहुत जल्द ही ठीक हो जाएगा | याद रहे की गौ मूत्र तजा ही पियें | अगर बहुत पुराना है तो तो उसमें थोडा सा पानी मिलाकर पी सकते है |
आँख के सभी रोगों के लिए :
 जिन व्यक्तियों की आँख में प्रॉब्लम है जेसे , आँख में से पानी आना, आँखों का लाल रहना, रेटिना का रोग, आँखों में खुजली चलना, इत्यादि इन सबकी सबसे बेस्ट एक ही दवा है वो है गौ मूत्र करना क्या है देशी गौ माता का मूत्र लेना और उसे आँख में एक एक टपका डाल लेना | इससे आँखों के सभी रोग सही हो जाते है 100%
अस्थमा रोग के लिए : 
जिन भी लोगो को अस्थमा की बीमारी है वो लोग रोज सुबह-सुबह गौ मूत्र का सेवन करें | कम से कम १५ दिन तक इसका सेवन करें अस्थमा की बीमारी जद से खत्म हो जाएगी |
घाव में फायदेमंद :
 जिन लोगो के सरीर पर चोट लगने से उनके सरीर पर घाव बन जाते है | तो उसकी सबसे अच्छी दवा है गौ मूत्र | याद रहे की मूत्र देशी गौ माता का ही होना चाहिए | करना क्या की आपको गेंदे के एक फूल की चटनी बनानी है फिर उसमें थोडा सा गौ मूत्र मिलाना है | फिर ये एक लेप के रूप में आ जाएगा | फिर आपको ये लगाना है जहा पर घाव है | घाव बहुत जल्द ही ठीक हो जाएगा |
चर्म रोग के लिए :- चर्म रोग में गौ मूत्र और पीसे हुए जीरे के लेप से लाभ मिलता है। खाज, खुजली में गौ मूत्र उपयोगी है।
मोटापा घटाने के लिए :–
 गौमूत्र मोटापा कम करने में भी सहायक है। एक ग्लास ताजे पानी में चार बूंद गौ मूत्र के साथ दो चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर नियमित पीने से लाभ मिलता है।
पेट की बिमारियों के लिए :-
 पेट की बीमारियों के लिए गौमूत्र रामवाण की तरह काम करता है, इसे चिकित्सीय सलाह के अनुसार नियमित पीने से यकृत यानि लिवर के बढ़ने की स्थिति में लाभ मिलता है। यह लिवर को सही कर खून को साफ करता है और रोग से लड़ने की क्षमता विकसित करता है।



छालों के लिए :
- जिन व्यक्तियों के मुह में छालें है वो लोग गौ मूत्र से कुल्ला करें सुबह-सुबह दिन दिन में ही सही हो जाएँगे |
केंसर के लिए :- 
आजकल केंसर की बीमारी बहुत चल रही है केंसर की सबसे अच्छी दवा है गौ मूत्र जिन को भी केंसर है रोज सुबह-सुबह गौ मूत्र पियें | गारंटी के साथ ठीक हो जाएगी |
यकृत रोग में फायदेमंद :- 
जब यकृत का रोग बढ़ जाता है तो व्यक्ति उदर जैसी बिमारियों का शिकार हो जाते हैं | अगर आपको यकृत से सम्बंधित कोई भी परेशानी है तो आप थोड़े से पुननर्वा के काढ़े में थोडा-सा गौ मूत्र मिला लें और इसका सेवन करें | ऐसा करने से बहुत जल्दी लाभ मिलता है |



कुछ आवश्यक जानकारी :-

1. जिस घर में नियमित रूप से गौमूत्र का छिड़काव होता है, वहां बहुत सारे वास्तु दोषों का समाधान एक साथ हो जाता हैं।

2. देसी गाय के गोबर-मूत्र-मिश्रण से ‘`प्रोपिलीन ऑक्साइड” उत्पन्न होती है, जो बारिस लाने में सहायक होती है| इसी के मिश्रण से ‘इथिलीन ऑक्साइड‘ गैस निकलती है जो ऑपरेशन थियटर में काम आता है |
3. गौमूत्र का सेवन छानकर किया जाना चाहिए। यह वैसा रसायन है, जो वृद्धावस्था को रोकता है और शरीर को स्वस्थ्यकर बनाए रखता है।
4. गाय के मूत्र में आयुर्वेद का खजाना है! इसके अन्दर ‘कार्बोलिक एसिड‘ होता है जो कीटाणु नासक है, यह किटाणु जनित रोगों का भी नाश करता है। गौमूत्र चाहे जितने दिनों तक रखे, ख़राब नहीं होता है।
5. गौमूत्र को मेध्या और हृदया कहा गया है। इस तरह से यह दिमाग और हृदय को शक्ति प्रदान करता है। यह मानसिक कारणों से होने वाले आघात से हृदय की रक्षा करता है और इन अंगों को प्रभावित करने वाले रोगों से बचाता है।
ध्यान देने योग्य बातें :-
1. गोमूत्र को हमेशा निश्चित तापमान पर रखें|
2. गोमूत्र की मात्रा ऋतु पर निर्भर करती है। चूँकि इसकी प्रकृति कुछ गर्म होती है इसीलिए गर्मियों में इसकी मात्रा कम लेनी चाहिए।
3. 8 वर्ष से कम बच्चों और गर्भवती स्त्रियों को गौमूत्र अर्क वैद्य की सलाह के अनुसार ही दें।
4. मिट्टी, कांच या स्टील के बर्तन में ही गौमूत्र रखें।



गैस के लिए :-
 गैस की शिकायत में प्रातःकाल आधे कप पानी में गौ मूत्र के साथ नमक और नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए।
किडनी की बिमारियों में फायदेमंद :
 जिनकी किडनी ख़राब है वो व्यक्ति कभी भी खड़ा होकर पानी नहीं पियें | और एसा भोजन न करें जिसमें हिप्रोटिन, चिकनाई युक्त वाला भोजन न करें | और सुबह देशी गौ माता का मूत्र ले सुबह खाली पेट आधा कफ | एसा करने से किडनी सही हो जाएगी |

खांसी में फायदेमंद : जिनको भी खांसी की समस्या है वो लोग रोज सुबह- सुबह आधा कफ गौ माता का मूत्र पियें | चाहे खांसी कितनी भी खतरनाक हो सभी खांसी की समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा |
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