रविवार, 23 जुलाई 2017

चींटी भगाने के आसान घरेलू उपाय //Easy Ways to Avoid Ant



चींटी बहुत छोटी होती है लेकिन बहुत सारी एक साथ आकर परेशानी पैदा कर देती है। अक्सर मिठाई आदि मे चुपचाप घुसकर नुकसान कर देती है। हम खीजने के अलावा कुछ नहीं कर पाते। रसोईघर में चींटी का हमला सामान्य सी बात है। शक्कर का डिब्बा चींटियों के लिए सबसे पसंदीदा स्थान होता है। कई बार तो रोटी के कटोरदान में भी चीटियां घुस जाती है। यहां तक की नमकीन का आनंद उठाने भी आ जाती है।
लाल चींटी और काली चींटी ये दो प्रकार की चींटी ज्यादा दिखती है। लाल चींटी छोटी होती है लेकिन काटती जोर का है। इसके काटने पर तेज जलन होती है। काली चींटी सीधी सादी अपने काम से काम रखने वाली होती है। ये कम ही काटती है। चींटियाँ हमारे घर में खुद के लिए एक छोटा सा घर बना लेती है। अक्सर लाइन बना कर अपने घर से निकल कर खाने के सामान तक पहुंचती है। इनकी लाइन का पीछा करते हुए इनके घर तक पहुंचा जा सकता है। चींटियों का रास्ता बना कर किसी चीज तक पहुंचने का तरीका आश्चर्य में डाल देता है।
चींटी हमारे लिए अच्छा काम भी करती है। यह हमें कई प्रकार के कीड़े मकोड़े से बचाती है।
चींटियाँ मकड़ी , खटमल , पिस्सू , मक्खी , सिल्वर फिश , मोथ आदि कीड़े मकोड़े के लार्वा को खा जाती है। ये कीड़े मकोड़े चींटी से ज्यादा नुकसान देह होते है। चींटी  इनको घर मे फैलने से रोकती है। इस तरह हमारी मदद करती है।
चींटियाँ एक दूसरे को संकेत व संदेशों का आदान प्रदान करती है। ये काम चींटियों उनके सिर पर मौजूद एंटीना की मदद से करती है। इसके
अलावा फेरोमोन्स की मदद से चींटी रास्ता बनाती है और दूसरी चींटियों को रास्ता दिखती है। फेरोमोन्स एक प्रकार का केमिकल होता है जिसे कीट पतंगे व चीटियाँ उत्सर्जित करते है। इसके द्वारा वे उनकी प्रजाति को विशेष संदेश देने का काम करते है।
खाने पीने का सामान तलाश करने के लिए स्कॉउट चींटी घूमती रहती है। जब उसे कुछ मिलता है तो वह फेरोमोन्स से रास्ता बनाकर अपने साथियों को खाने तक पहुंचने का रास्ता दिखा देती है। दूसरी चींटियां भी उस रास्ते पर चलती हुई फेरोमोन्स से वो रास्ता मजबूत बनाती हुई चलती है। इस तरह से आसानी से दूर तक की मंजिल भी पा लेती है। जब खाना खत्म हो जाता है चींटी उस रास्ते पर चलना बंद कर देती है। इस रास्ते का फेरोमोन्स जल्द ही उड़ कर खत्म हो जाता है।



चींटी से बचने के उपाय

चींटियों से बचने का सबसे पहला उपाय उनके लिए खाने तक पहुंचने के रास्ते बंद करना है। यानी ऐसी चीजें जिनमे चींटी आ सकती है उन्हें एयर टाइट डिब्बे में रखना चाहिए। घर में साफ सफाई नियमित करनी चाहिए। विशेषकर रसोई में। मीठा थोड़ा भी इधर उधर गिरा हो तो तुरंत साफ कर देना चाहिए। वो सभी छोटी जगह जहां से चींटी का आवागमन सुलभ हो बंद कर देने चाहिए।
स्कॉउट चींटी घूमती हुई नजर आए तो सतर्क हो जाएँ। ये खाना ढूंढ़कर अपनी कॉलोनी को बताती है। अतः इससे पहले कि पूरा कुनबा दावत उड़ाने आ जाए चींटी को ललचाने वाला सामान बिखरा है तो साफ कर दें। ऐसे सामान को अच्छे से डिब्बों में एयर टाइट बंद करके रखें।
चींटीयों को दूर करने के उपाय इस प्रकार है :–
सिरका – Vinegar
सफेद सिरका और पानी बराबर मात्रा में मिलाकर चींटी के आने जाने वाले रास्ते पर स्प्रे कर दें या इस पानी से उनके रास्ते पर पोंछा लगा दें।
इससे फेरोमोन्स साफ हो जाएँगे और चींटी रास्ता भटक जाएगी। खाने तक नहीं पहुंच पाएगी।
लाल चींटी ने बनाए छोटे से छेद में सिरके में थोड़ा बैकिंग सोडा मिलाकर डाल दें। ये काम कुछ दिन के बाद फिर कर दें। चीटियों से मुक्ति मिल जाएगी। 



नींबू – Lemon

नींबू की खुशबू जितनी हमे पसंद है उतनी ही चींटी को नापसंद है। नीबू के छिलके या नीबू के पत्ते जहां भी होंगे चींटियाँ वहाँ से चली जाएंगी।
हम इसका फायदा उठा सकते है। जहां चीटियाँ हों वहाँ नींबू के छिलके डाल दें या नींबू के पत्ते तोड़कर डाल दें। चीटियाँ वहाँ से भाग जाएगी।
संतरे के छिलके और खीरे के छिलके भी चींटी भगा देते है।
पिपरमिंट का तेल – Peppermint Oil
घर में पोंछा लगने के बाद यदि पिपरमिंट के तेल की कुछ बूंद फर्श पर डालकर कपड़े से फैला दें तो चींटी दूर ही रहेगी। पिपरमिंट की गंध
चींटी को दूर रखने का काम करेगी।
तेजपत्ता – Bay Leaves
तेज पत्ता स्वाद व सुगंध के लिए दाल के तड़के में तो काम लेते ही है। ये चींटी को दूर रखने में भी काम आ सकता है। चींटी आने वाली जगह
तेज पत्ता के कुछ टुकड़े डाल दें , चीटियाँ नहीं आएँगी। इसे किचन के ड्रॉअर या कैबिनट आदि में भी रख सकते है।
लौंग – Clove
लौंग के फायदे और उपयोग तो आप बहुत से जानते होंगे। इसका एक और फायदा ये भी है कि इसे चीटियाँ दूर रखने में काम ले सकते है।



शक्कर के डिब्बे में दो तीन लौंग डालकर रखें। चीटियाँ
शक्कर के डिब्बे तरफ देखेंगी भी नहीं।
कपूर – Camphor
कपूर पूजा में जलाने के लिए घर में पूजा वाले स्थान में रखते है। आपने देखा होगा पूजा वाली जगह चीटियां नहीं आती। इसका कारण कपूर होता है। कपूर की गंध चींटी को दूर रखती है। कपूर को जहाँ से चीटियाँ भगानी हो वहाँ रख देंगे तो चीटियां रवाना हो जाएंगी।
दालचीनी
एक और रसोई का मसाला चींटी को दूर रखने में काम आ सकता है वो है दालचीनी। दालचीनी का टुकड़ा जहाँ होगा वहाँ चीटियां नहीं आती।
जहां लगे Cheeti आ सकती है वहाँ दालचीनी का टुकड़ा रख दें। और असर देखें।
लहसुन
लहसुन के मामले में हमारी और चींटी की पसंद नापसंद मिलती है। हमारी तरह इसको भी लहसुन की गंध अच्छी नहीं लगती। चींटी के आने जाने वाले रास्ते पर लहसुन घिसने से या लहसुन का पावडर बुरकने से इससे मुक्ति मिल सकती है।



एक टिप्पणी भेजें