27/7/17

अंकुरित अनाज के स्वास्थ्य -लाभ / Health benefits of sprouted grains/



सेहतमंद रहने के लिए अंकुरित अनाज को काफी लाभदायक माना जाता है। यही कारण है कि इसे सुबह के नाश्ते के अलावा कई लोग भोजन में भी नियमित तौर पर शामिल करते हैं।अंकुरित आहार को अमृताहार कहा गया है अंकुरित आहार भोजन की सप्राण खाद्यों की श्रेणी में आता है। यह पोषक तत्वों का स्रोत मन गया है । अंकुरित आहार न सिर्फ हमें उन्नत रोग प्रतिरोधी व उर्जावान बनाता है बल्कि शरीर का आंतरिक शुद्धिकरण कर रोग मुक्त भी करता है । अंकुरित आहार अनाज या दालों के वे बीज होते जिनमें अंकुर निकल आता हैं इन बीजों की अंकुरण की प्रक्रिया से इनमें रोग मुक्ति एवं नव जीवन प्रदान करने के गुण प्राकृतिक रूप से आ जाते हैं। हम बताने जा रहे हैं, अंकुरित आहार को लेकर कुछ आवश्यक जानकारियां जो अंकुरित आहार से सेहत बनाने में आपकी मदद करेंगी।
*अंकुरित होने पर अनाज में पाया जाने वाला स्टार्च- ग्लूकोज, फ्रक्टोज एवं माल्टोज शर्करा में बदल जाता है, जिससे न केवल इनका स्वाद बढ़ता है, बल्कि इसके पोषक तत्वों और पाचक गुणों में भी वृद्धि हो जाती है। इसलिए सादे अनाज की तुलना में अंकुरित अनाज को अधि‍क पौष्ट‍िक माना जाता है।
*अंकुरित अनाज में फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जिसे खाने के बाद आपका पेट देर तक भरा रहता है। ऐसे में आप अतिरिक्त कैलोरी लेने से बच जाते हैं, और मोटापा भी नहीं बढ़ता।
*त्वचा पर दि‍खाई देने वाले बढ़ती उम्र के निशान को भी अंकुरित आहार रोकता है। इसे रोज खाने से त्वचा पर झुर्रियां जल्दी नहीं पड़ती और त्वचा पर चमक बनी रहती है।



*अंकुरित भोज्य पदार्थों के रूप में चना, मूंग, गेंहू, मक्का, तिल, मोठ, सोयाबीन, मूंगफली, मटर, दालों का प्रयोग होता है। इसके अलावा बाजरा, ज्वार, खजूर, किशमिश, बादाम आदि को भी अंकुरित करके खाया जाता है।
* अंकुरित अनाज को कच्चा खाना अधिक फायदेमंद होता है। आप चाहें तो इसमें कुछ सब्जियों को काटकर मिला सकते हैं, और नींबू या दही के साथ भी प्रयोग कर सकते हैं। पका कर खाने पर इनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं। 

*अंकुरित अनाज पाचन तंत्र को मजबूत और सक्रिय रहने में मददगार होता है. इसमें फाइबर की बहुत अधिक मात्रा होती है जो पाचन क्रिया को सही बनाए रखती है.
* अंकुरण की प्रक्रिया के बाद अनाज में पाए जाने वाले कार्बोहाइट्रेड व प्रोटीन और अधिक पाचक व पौष्टि‍क हो जाते हैं। यह पाचन क्रिया और बेहतर बनाने में बहुत ही लाभकारी साबित होते हैं।
* खड़े अनाज व दालों के अंकुरण से पोषक तत्वों खास तौर से विटामिन-सी, बी-कॉम्प्लेक्स, थायमिन, राइबोप्लेविन व नायसिन की मात्रा दोगुनी हो जाती है। इसके साथ ही शरीर में विटामिन ए के निर्माण में सहायक केरोटीन की मात्रा में भी वृद्धि होती है।
*अंकुरित अनाज में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन ए, बी, सी व ई से भरपूर होता है. एंटी-ऑक्सीडेंट की वजह से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है, वहीं इसमें मौजूद लवण शरीर की दूसरी आवश्यकतों को भी पूरा करते हैं. इसमें फॉस्फोरस, आयरन, कैल्शियम, जिंक और मैग्नीशियम जैसे प्रमुख लवण पाए जाते हैं.



* अंकुरित आहार को नियमित तौर पर लेने से रोगप्रतिरोधक क्षतमा में इजाफा होता है और शरीर के हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
*-अंकुरित अनाज को अमृत के समान आहार माना जाता है। इसके प्रतिदिन सेवन से शरीर स्वस्थ और लंबे समय तक युवा रहता है। यह आपको उर्जावान बनाए रखने में बेहद कारगर साबित होता है।
*अंकुरित आहार में क्लोरोफिल, विटामिन ए, बी, सी, डी और के, भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैगनीशियम, आयरन, जैसे खनिजों लवणों का बेहतर स्त्रोत है।
*अंकुरित अनाज में बहुत कम मात्रा में कैलोरी होती है. ऐसे में जो लोग नहीं चाहते कि उनका वजन बढ़े, वे अंकुरित अनाज को अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं







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